पीसीएस-2015 में हुई गड़बड़ी को लेकर सीबीआई को एक और महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। सीबीआई ने छह ऐसे मामले पकड़े हैं, जिनमें इंटरव्यू के बाद अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए और सभी छह अभ्यर्थियों का पीसीएस के उच्च पदों पर चयन हुआ। सीबीआई इस मामले में चयनित अभ्यर्थियों, तत्कालीन सचिव व अन्य अफसरों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के सदस्य को इंटरव्यू बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाता है। इंटरव्यू के दौरान बोर्ड के अध्यक्ष ही नंबर देते हैं। इंटरव्यू में नंबर कोड में दिए जाते हैं, जिसे बाद में डिकोड किया जाता है। कोड में दिए गए अंकों की एक शीट इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष के पास होती है और उसकी एक प्रति आयोग के सचिव को भेज दी जाती है।
कोड को डिकोड किए जाते वक्त दोनों प्रतियों का मिलान होता है। जांच में यह सामने आया है कि दोनों शीट में कोड तो समान हैं, लेकिन तत्कालीन सचिव को भेजी गई शीट में कोड को डिकोड किए जाने के बाद जो अंक निर्धारित थे, अभ्यर्थियों को उससे अधिक अंक दे दिए गए।
इंटरव्यू के बाद बदले गए इन नंबरों को अभ्यर्थियों की अंतिम चयन की मेरिट में शामिल किया गया। सूत्रों के मुताबिक गड़बड़ी सामने आने के बाद सीबीआई ने यह जानने की कोशिश भी की कि अगर इन अभ्यर्थियों को कोड के तहत निर्धारित अंक दिए जाते तो उनका क्या होता।
जांच में यह बात सामने आई कि इंटरव्यू के बाद नंबरों से की गई छेड़छाड़ का फायदा सीधे इन छह अभ्यर्थियों को मिला है। सीबीआई अब इन सभी से पूछताछ की तैयारी में है। साथ ही तत्कालीन सचिव पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।