पंचायती राज विभाग ने गांवों में विकास कार्य को लेकर होने वाले भुगतान प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब सिर्फ डोंगल से भुगतान नहीं होगा। ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को फेस स्कैनिंग कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद 1540 ग्राम पंचायतों में से 1500 पंचायत सचिवों और 800 ग्राम प्रधानों ने फेस स्कैनिंग कराई है। इससे सबसे बड़ा लाभ महिला ग्राम प्रधानों को होगा। उनके पति या बेटे पंचायत के खाते से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं कर पाएंगे।
इससे न केवल अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर और सही पात्र तक पहुंचेगा। शासन ने खासतौर से महिला प्रधानों के अधिकारों और प्रतिनिधि प्रथा को बंद करने को लेकर यह कदम उठाया है। यह नई व्यवस्था जिले की 1540 ग्राम पंचायतों में लागू कर दी गई है। विभागीय जानकारों के अनुसार, इस तकनीक के जरिये यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भुगतान केवल पंचायत सचिवालय से ही किया जाए। यानी ग्राम प्रधान और सचिव को पंचायत भवन में मौजूद रहकर ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए जिले के सभी ग्राम प्रधानों और सचिवों को भुगतान प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे उन्हें किसी प्रकार की तकनीकी असुविधा का सामना न करना पड़े। जिले में 1500 से अधिक सचिवों और 800 से अधिक ग्राम प्रधानों के फेस फीडिंग का कार्य हो चुका है।
- रविशंकर द्विवेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी