रानीगंज स्थित एक निजी पैथोलॉजी ने पीलिया से बीमार मरीज के एचआईवी पीड़ित होने की रिपोर्ट दे दी। इससे घबराए मरीज ने एक डॉक्टर से अपना इलाज कराना शुरू कर दिया। एक सप्ताह तक लगातार दवा खाने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर वह भागकर जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर पहुंचा। यहां चिकित्सकों की सलाह पर दोबारा जांच कराई तो पता चला कि उसे एचआईवी नहीं बल्कि पीलिया हुआ है। सीएमओ ने मामले की जांच करानी शुरू कर दी है।
रानीगंज इलाके के रामनगर निवासी एक व्यक्ति पंजाब में एक फैक्ट्री में काम करता है। कुछ दिनों पहले उसे बुखार आने लगा। इस पर वह घर लौट आया। 22 नवंबर को रानीगंज सीएचसी पहुंचकर उसने इलाज कराया। चिकित्सक ने उसे जांच कराने के लिए कहा। डॉक्टर के कहने पर वह सीएचसी के बगल स्थित निजी जांच घर में पहुंचा। जांच में पैथोलॉजिस्ट ने उसे एचआईवी से पीड़ित बता दिया। इस पर वह एक चिकित्सक के पास पहुंचा और इलाज भी शुरू करा दिया। उसने लगभग एक सप्ताह तक एचआईवी की दवा खाई।
इससे उसकी हालत दिनोंदिन और बिगड़ने लगी। शरीर काला होने लगा। बड़े-बड़े दाने निकल गए। बाद में पीड़ित व्यक्ति जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर पहुंचा। यहां के चिकित्सकों ने उसकी दोबारा जांच कराई, जिसमें उसके एचआईवी की जगह पीलिया से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ ने उक्त पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के लिए टीम गठित की है।
वहीं इस मामले में सीएमओ अरविंद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि, पीलिया के मरीज को एचआईवी की पुष्टि करने वाले पैथालॉजिस्ट के खिलाफ जांच की जा रही है। लाइसेंस निरस्त करने के साथ उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उसे जेल भेजवाया जाएगा।