बेली अस्पताल में भर्ती मरीज मनोज (42) की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह रविवार रात तक अस्पताल में भर्ती थे। परिजनाें का आरोप है कि रात में अस्पताल में कुछ लोगों ने उनकी पिटाई की। इसके बाद वह लापता हो गए। सोमवार सुबह अस्पताल के गेट के बाहर उनका शव मिला।
लापरवाही पर संविदा कर्मी वार्ड बाॅय पीयूष को निलंबित कर दिया गया है। मलाकराज निवासी काजू ने बताया कि भाई मनोज को पेट में दर्द था। शनिवार को बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार देर रात वह कुछ देर के लिए बाहर गए, इसी बीच मनोज का कुछ लोगों से विवाद हो गया। आरोपियों ने उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद मनोज लापता हो गए।
रातभर उसकी तलाश की गई लेकिन जानकारी नहीं मिली। सोमवार सुबह अस्पताल के गेट के बाहर अचेतावस्था में पड़े मिले। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। काजू ने आरोप लगाया कि मनोज की पीट-पीटकर मारा गया है।
साक्ष्य मिटाने के लिए शव को अस्पताल के बाहर फेंक दिया गया। उधर, सोमवार को पोस्टमार्टम में मनोज के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
मरीज की मौत के कारणों की पड़ताल की जा रही है। पता चला है कि मरीज को पहले डिस्चार्ज कर दिया गया था। उन्हें दोबारा भर्ती कराया गया। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - विद्युत गोयल, एसीपी सिविल लाइंस
अस्पताल प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। लापरवाही पर संविदा कर्मी वार्ड बाॅय को निलंबित कर दिया गया है। जांच की जा रही है। - डॉ. भावना शर्मा चिकित्सा अधीक्षक बेली अस्पताल