अपना दल (एस) की संरक्षक एवं केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इलाहाबाद के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को उन्होंने हटवाया है। सोमवार को वह न्यायमूर्ति रामसूरत सिंह की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने उनके आवास पर आईं थीं। पत्रकारों से बातचीत में अनुप्रिया ने कहा कि उन्हें पता चला था कि जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं विशेषतौर पर पटेलों का उत्पीड़न हो रहा था। कई कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद भी मामले की विवेचना ठीक से नहीं की जा रही थी। कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल ने प्रमुख सचिव गृह ने मुलाकात कर कानून व्यवस्था एवं कार्यकर्ताओं की हत्या का मामला उठाया था। अनुप्रिया ने दावा किया कि डीएम-एसएसपी को उनकी शिकायत के बाद ही हटाया गया। उन्होंने इसके बाद भी दोहराया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वह सात नवंबर को लखनऊ में उपवास पर बैठेंगी।
इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने ही पार्टी की 17 अक्तूबर की रैली में पार्टी कार्यकर्ताओं विशेषकर पटेलों की हत्या को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल और मंत्री अनुप्रिया पटेल के सामने आवाज उठाई थी। कहा कि रैली के दौरान उन्होंने डीएम-एसएसपी की मनमानी की बात उठाई थी। उन्होंने भी यह बात दोहराई की पार्टी की ओर से आवाज उठाने के बाद प्रदेश में एक साथ डीएम-एसएसपी का तबादला इलाहाबाद में ही हुआ है। उन्होंने भी दावा किया कि डीएम-एसएसपी को अनुप्रिया पटेल की शिकायत पर ही हटाया गया।