इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीएसटी कानून के प्रावधानों की व्याख्या करते हुए कहा है कि जीएसटी का नोटिस या आदेश ट्रक चालक को देना या ट्रक पर चस्पा कर देना वैध तरीका नहीं है। इसे सूचना देना नहीं माना जा सकता है। ऐसी सूचना जीएसटी एक्ट की धारा 169 के अंतर्गत सूचना नहीं मानी जाएगी और इस प्रकार की कार्यवाही एक पक्षीय होगी।
कोर्ट ने याची रांची कैरीइंग कार्पोरेशन के विरुद्ध की गई कार्रवाई को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत मानते हुए रद्द कर दिया है और विभाग को याची की आपत्ति पर विचार कर चार सप्ताह में नए सिरे से नियमानुसार कार्यवाही पूरी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि धारा 169 में आदेश की सूचना देने का तरीका निर्धारित किया गया है। उससे इतर तरीके दिए गए आदेश की सूचना, विधिक सूचना नहीं मानी जाएगी। ट्रक ड्राइवर को देने या ट्रक पर चस्पा करने को नोटिस नहीं देना माना जाएगा। याची का कहना था कि जब कानून में तरीका तय है तो उसी तरीके से नोटिस देकर की गई कार्यवाही वैधानिक मानी जाएगी। कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए नए सिरे से आपत्ति लेकर कार्यवाही पूरी करने का निर्देश दिया है।