इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी की अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर सजा में संशोधन किया है। कोर्ट ने सत्र न्यायालय की ओर से सुनाई गई आठ साल की सजा को उचित माना। लेकिन, आरोपी के सात साल की सजा काट लेने और आयु को देखते हुए पहले से काटी गई अवधि को ही पर्याप्त सजा मानी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने दोषी हबीब की याचिका पर दिया। मामला बरेली के इज्जतनगर थाने का है। अभियोजन के अनुसार 26 अक्तुबर 1985 को नौ वर्षीय बच्ची खेत में सरसों के पत्ते लेने गई थी। आरोप है कि उसी दौरान हबीब ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश ने 18 दिसंबर 1986 को आरोपी हबीब को दोषी ठहराते हुए आठ साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई। ब्यूरो