साउथ मलाका सब्जी मंडी चौराहा स्थित मकान में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 12 घंटे में सुलझा ली। पुलिस का दावा है कि बड़े बेटे अभिषेक ने घर में लूट के इरादे से अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की थी। बाद में डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में शनि ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मुट्ठीगंज निवासी आरोपी शनि को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से एक किलो सोना, 360 ग्राम चांदी, एक हजार रुपये नकदी और ताले की चाभी बरामद की है। वारदात रविवार शाम पांच से छह बजे के बीच अंजाम दी गई। आरोपी शनि ने पूछताछ में बताया कि अभिषेक अपने पिता से नाराज था।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक, वर्ष 2022 में पिता ने अभिषेक को भी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। अभिषेक कर्ज में डूबा था। रविवार दोपहर अभिषेक ने शनि को अपनी दुकान पर बुलाया। दोनों ने साथ बैठकर कचौड़ी खाई। बीयर और सिगरेट पी। इस दौरान परिवार की हत्या कर जेवर लूटने की साजिश रची। शाम करीब पांच बजे रोजाना की तरह मीनाक्षी नीचे दुकान खोलने आई।
जैसे ही उसने सीढ़ियों का दरवाजा खोला, अभिषेक ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। शनि ने उसे धक्का दिया और दोनों उसे घसीटते हुए ऊपर ले गए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बहन की हत्या के बाद दोनों ऊपर कमरे में पहुंचे। वहां पिता वीरेंद्र और मां अनीता दोनों सो रहे थे।
आरोपियों ने उन पर भी लोहे की रॉड और पाइप से ताबड़तोड़ वार किए। सिर पर गंभीर चोट लगने से दोनों की मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने अलमारी खंगाली और घर में रखे जेवर और कीमती सामान समेट लिए।
भाई-भाभी को फंसाने के लिए लिखा... बंटी-बबली बहू ने मारा
हत्या के बाद अभिषेक और शनि ने जांच को गुमराह करने की कोशिश की। अभिषेक ने लाल पेन से एक गत्ते पर लिख दिया, बंटी-बबली बहू ने मारा। इसका मकसद अपने भाई अश्विनी और उसकी पत्नी रीतू को हत्या के मामले में फंसाना था। दोनों को उनके कारनामों की वजह से परिवार में बंटी-बबली के नाम से जाना जाता था। इसके बाद अभिषेक ने घर में मौजूद फाइलें, कपड़े, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सामान पानी की टंकी में डाल दिए ताकि कोई साक्ष्य बच न सके।
महज पांच कंगन देकर शनि को भेज रहा था अभिषेक
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि परिवार के तीन लोगों की हत्या के बाद अभिषेक दोस्त शनि के साथ नीचे दुकान में पहुंचा। वहां लूटे गए जेवरों का बंटवारा किया। इसी दौरान विवाद शुरू हो गया। शनि का आरोप है कि अभिषेक उसे महज पांच कंगन देना चाहता था। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। गुस्से में शनि ने उसी लोहे की रॉड से अभिषेक के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से अभिषेक की भी मौत हो गई। इसके बाद शनि पूरे जेवर मकान के पिछले हिस्से में छज्जे पर रखकर वहां से भाग निकला।
मृतक के कपड़े पहनकर निकला आरोपी
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग साबित हुए। फुटेज में एक व्यक्ति मृतक अभिषेक वैश्य के कपड़े और जूते पहनकर कांप्लेक्स से बाहर निकला। इसके बाद वह फिर भीतर जाते हुए दिखा। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो उसकी पहचान शनि गुप्ता के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। शनि ने बताया कि हत्या के बाद वह गलती से अभिषेक के जूते पहनकर बाहर निकला था। अपने जूते पहनने के लिए वह दोबारा घर के भीतर गया। अपने जूते पहने और फिर बाहर आया। घटना सीसीटीवी में कैमरे में कैद हो गई थी।