हाईकोर्ट ने माफिया पप्पू गंजिया को राहत देते हुए उसके दो मकानों के ध्वस्तीकरण पर चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी है। पप्पू की पत्नी नगीना बेगम की याचिका पर कोर्ट ने जहांगीराबाद गंजिया प्रयागराज व चक दोंदी, नैनी, प्रयागराज स्थित भवनों के ध्वस्तीकरण के मामले में पीडीए उपाध्यक्ष को तीन सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अगले चार सप्ताह तक के लिए कोर्ट ने पीडीए को किसी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने याची को एक सप्ताह में ध्वस्तीकरण के खिलाफ अपना प्रत्यावेदन पीडीए के उपाध्यक्ष को देने तथा उपाध्यक्ष को उस पर सुनवाई कर तीन सप्ताह में सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने दशहरे की छुट्टी के दौरान दिया है।
याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह का कहना था कि अधिकारी लगातार मकान ध्वस्त करने की धमकी दे रहे हैं। याची को उसका पक्ष रखने का मौका दिए बिना मनमानी तरीके से कार्रवाई की जा रही है, जिस पर कोर्ट ने चार सप्ताह की राहत दी है। इससे पूर्व जिला प्रशासन और पीडीए द्वारा पप्पू गंजिया का अवैध रूप से निर्मित गेस्ट हाउस ध्वस्त कर दिया था तथा उसके अन्य मकान के भी ध्वस्तीकरण की तैयारी थी।