paperless work in allahabad highcour t andministration
प्रयागराज। पेपरलेस कोर्ट की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नए वेब आधारित ई सर्विस पोर्टल की शुरूआत की है। पोर्टल विशेषकर प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों के लिए डिजाइन किया गया है। इसके जरिए न्यायिक अधिकारी हाईकोर्ट से सीधे जुड़े रहेंगे। इसके माध्यम से हाईकोर्ट के प्रशासनिक कार्य भी अब पेपर लेस हो जाएंगे। इससे पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट देश में पहली ई कोर्ट स्थापित करने का कीर्तिमान बना चुका है।
नए वेब पोर्टल का शुक्रवार को दिन में पौने एक बजे मुख्यन्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने उद्घाटन किया। वेबपोर्टल को न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र के निर्देशन में इलाहाबाद हाईकोर्ट में ही डिजाइन किया गया है। जस्टिस मिश्र के निर्देशन में ही ईकोर्ट प्रोजेक्ट भी चल रहा है। पोर्टल एक सितंबर से कार्यरत हो जाएगा। इससे प्रदेश भर के जिला न्यायालय प्रशासनिक स्तर पर हाईकोर्ट से जुड़ जाएंगे।
पोर्टल का सॉफ्टवेयर इस प्रकार से डिजाइन किया गया है जिससे न्यायिक अधिकारी विभिन्न प्रकार के अवकाश प्रार्थनापत्र , वार्षिक गोपनीय टिप्पणियां, अपनी चल और अचल संपत्तियों का ब्यौरा आदि ऑन लाइन हाईकोर्ट को दे सकेंगे। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के दैनिक प्रशासिनक कार्यों में हाईकोर्ट से ऑन लाइन संवाद स्थापित हो सकेगा। न्यायिक अधिकारी अपने प्रार्थनापत्र की प्रगति भी ऑन देख सकेंगे। सभी प्रार्थनापत्रों का ऑन लाइन निस्तारण होगा और सक्षम अधिकारी अपनी संस्तुति, स्वीकृति भी ऑन लाइन दे सकेंगे। इसके बाद किसी भी प्रार्थनापत्र या पत्र की हाईकॉपी देने की आवश्यकता नहीं होगी।
नए बेवपोर्टल के शुरू होने से हाईकोर्ट के सभी प्रशासनिक कार्य पेपर लेस हो जाएंगे। इससे पूर्व पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में प्रार्थनापत्र और आवेदन डाक के जरिए हाईकोर्ट रजिस्ट्री को प्राप्त होते थे जिसके लिए बड़ी संख्या में कर्मचारी लगाने होते थे। इन प्रपत्रों के रखरखाव के लिए काफी स्थान की आवश्यकता होती थी जोकि अब नहीं होगी।