प्रतियोगी छात्रों ने सीएम से की पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग
एसटीएफ जांच में बिशप जॉनसन गर्ल्स विंग से आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा का पेपर लीक होने का खुलासा किया गया, जो एक निजी विद्यालय है। वहीं, हाल में ही आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा के लिए प्रयागराज में 33 केंद्र बनाए गए थे और परीक्षा के लिए केवल 20543 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से केवल दो से तीन केंद्र ही शहर में थे और बाकी केंद्र शहर से काफी दूर बनाए गए थे।
सवाल उठ रहे हैं कि शहर में सरकारी स्कूलों की उपलब्धता के बावजूद परीक्षा केंद्र इतनी दूर क्यों बनाए गए? यमुनापार और गंगापार के कई ऐसे दूर दराज क्षेत्रों में यूजीसी नेट के लिए ऐसे परीक्षा केंद्र बनाए दिए गए थे, जहां अभ्यर्थियाें को पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। एक निजी कॉलेज को तो इसी साल मान्यता मिली और उसे यूजीसी नेट का परीक्षा केंद्र भी बना दिया गया।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय और अन्य प्रतियोगी छात्रों ने सीएम से मांग की है कि केंद्र निर्धारण की पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक एवं पारदर्शी किया जाए। केंद्र निर्धारण में सरकारी स्कूलों को प्राथमिकता दी जाए और इसके बाद एडेड विद्यालयों और शहर में स्थित ए-ग्रेड के निजी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाए। अगर केंद्र मानकों के अनुरूप नहीं है तो जिम्मेदार अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।