गांधीनगर रैली में प्रियंका गांधी वाड्रा
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गंगा के जल मार्ग पर मोटरबोट से तीर्थराज प्रयाग से काशी के बीच प्रस्तावित कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की यात्रा में पांटून पुल रोड़ा बन सकते हैं। 18 से 20 मार्च तक की उनकी तीन दिवसीय यात्रा से संबंधित कार्यक्रम बृहस्पतिवार को जारी होने के बाद प्रशासन ने इस अड़चन की ओर कांग्रेसियों का ध्यान दिलाया। प्रियंका गांधी की यात्रा को लेकर शाम को कांग्रेस के तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी से मुलाकात कर कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात में जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रयागराज से काशी के बीच बने पांटून पुलों पर बैरियरों को पार कर यात्रा कैसे आगे बढ़ेगी, इसका रास्ता आयोजकों को ही निकालना होगा।
तीन दिवसीय निर्धारित जल यात्रा के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 18 मार्च को प्रयागराज पहुंचेंगी। इस यात्रा की रूपरेखा को लेकर बृहस्पतिवार की शाम कांग्रेस के कार्यवाहक शहर अध्यक्ष नफीस अनवर, जावेद उर्फी और नगर महासचिव हसीब अहमद ने जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी से मुलाकात की। इस दौरान यात्रा की अनुमति से संबंधित पत्र सौंपा गया। नफीस के मुताबिक डीएम से प्रयागराज से काशी के बीच बने पांटून पुलों के अवरोधों पर चर्चा हुई। डीएम ने कहा है कि पांटून पुलों के अवरोधों को पार करने का समाधान उनको ही ढूंढना होगा।
शहर कांग्रेस कमेटी डीएम से हुई वार्ता के आधार पर यात्रा के रूट से संबंधित रिपोर्ट प्रदेश कमेटी को भेजेगी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय प्रयागराज से काशी के बीच 24 जगहों पर गंगा पर पांटून पुल बने हैं। कुंभ मेला के दौरान गंगा के जल मार्ग पर फाफामऊ से अरैल के बीच बने 22 पांटून पुलों को खोलने का काम होली के बाद शुरू होगा। पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं का कहना है कि संगम से यात्रा शुरू होगी, तब भी तीन पांटून पुल रास्ते में पड़ेंगे और उन्हें खोलना फिलहाल टेढ़ा काम है।