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गंगा-यमुना के दोनों किनारों पर बनेंगे पक्के घाट

Sat, 28 Jul 2018 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को संगमनगरी को एक बड़ी सौगात दे गए। कहा, गंगा और यमुना, दोनों के दोनों किनारों पर तकरीबन पांच-छह किलोमीटर का पक्का सुंदर घाट बनाया जाएगा। शुक्रवार को मठ बाघंबरी गद्दी में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के सदस्यों के साथ हुई बैठक में उन्होंने इस आशय की घोषणा की जिसका हर-हर महादेव के जयघोष के बीच संतों ने स्वागत किया। गंगा-यमुना पर पक्के घाटों के लिए अरसे से मांग की जाती रही है जो शाह की घोषणा के साथ पूरी हुई।
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इससे पहले उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यमुना किनारे स्थित जूना अखाड़े के बाबा मौजगिरि के नाम पर बने पक्के घाट का लोकार्पण तथा यमुना पूजन और योगेश्वरानंद गिरि ‘बालक बाबा’ की स्मृति में बनने वाले ध्यान योग केंद्र का शिलान्यास किया। इसी क्रम में उन्होंने मौजगिरि मंदिर स्थित ब्रह्मा के मानस पुत्र महर्षि भृगु  द्वारा स्थापित शिललिंग का अभिषेक, पूजन किया। बाद में उज्जैन से मंगाई गई भस्म से महाआरती उतारी। उन्होंने अपने गुरु महामंडलेश्वर स्वामी विश्वंभर भारती की देखरेख में मौजगिरि बाबा, योगेश्वरानंद ‘बालक बाबा’ और बाबा बसंत गिरि की समाधियों सहित भगवान दत्तात्रेय और देवी का पूजन किया। जूना के संतों ने उन्हें उनके बारे में जानकारी भी दी।

जूना अखाड़े के ब्रह्मर्षि तक्षक तीर्थ पीठाधीश्वर रविशंकर की देखरेख में उज्जैन से आए पुरोहित संजय दीवटे, लालजी शुक्ल, गिरीश प्रसाद मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन, अभिषेक कराया। मंदिर से प्रवेश से पहले अमित शाह ने बड़ा घंटा बजाकर नमन किया। मंदिर के भीतर अखाड़े के अध्यक्ष, महामंत्री के साथ भाजपा केपूर्व और वर्तमान अध्यक्ष ही मौजूद रहे। मंदिर में रंगाई पुताई सहित ऊपर के हाल को भी केसरिया रंग में रंगा गया था जहां बैठकर शाह ने संतों से बात की और चाय पी। शाह के पहुंचने के पहले संगठन मंत्री सुनील बंसल ने तैयारियों का जायजा लिया।
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कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री महंत हरिगिरि, महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद गिरि, निर्मोही अणी के श्रीमहंत धर्मदास, मंत्री वासुदेव दास, निर्मोही के नरेंद्र दास, निर्मल अखाड़े के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, जूना के श्रीमहंत नारायण गिरि, महंत प्रेमगिरि, महंत विद्यानंद सरस्वती, आवाहन से महंत सत्यगिरि  सहित अनेक संत मौजूद थे। इसके अतिरिक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ.महेंद्र नाथ पांडेय, संगठन मंत्री सुनील बंसल, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, उप मुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, नंदगोपाल गुप्ता नंदी, आशुतोष टंडन, सांसद श्यामाचरण गुप्त, विनोद सोनकर, विधायक नीलम करवरिया, हर्षवर्धन वाजपेयी, संजय गुप्ता आदि मौजूद थे।

0 दो घंटे अठारह मिनट देर से पहुंचे शाह
पहले शाह के मौजगिरि मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम शाम पांच बजे तय किया गया लेकिन चंद्रग्रहण के सूतक के कारण इसमें बदलाव करके सुबह नौ बजे कर दिया गया था। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष तकरीबन 2.18 घंटे बिलंब से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर लोग उनके आने की पल-पल जानकारी लेते रहे। कार्यक्रम स्थल पर चाकचौबंद व्यवस्था की गई थी लेकिन उनके आते ही सारी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कार्यकर्ता उत्साह के साथ पूजन स्थल पर ही पहुंच गए और पूरे कार्यक्रम के दौरान वहां डटे रहे।

सिद्ध संत बाबा मौजगिरि के नाम पर बने घाट का शुक्रवार को लोकार्पण हुआ लेकिन आरंभिक तौर पर वर्ष 2013 के कुंभ मेले में भी उत्तराखंड के तत्कालीन राज्यपाल डॉ.अजीज कुरैशी ने इसका उद्घाटन किया था। तब यह कच्चा घाट बनकर तैयार हुआ था। फिलहाल सिंचाई विभाग की ओर से तैयार कराए जा रहे तकरीबन 65 मीटर लंबे और तीस मीटर चौड़े घाट का निर्माण कार्य 12 अप्रैल को आरंभ हुआ था जो 11 अगस्त को बनकर पूरा हो जाएगा। जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरिगिरि के मुताबिक अब तक यहां का सत्रह बार जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। इतिहासकारों के हवाले से उन्होंने यह भी दावा किया कि यह वही घाट है जिससे पार उतरकर सीता और लक्ष्मण सहित भगवान राम चित्रकूट के लिए रवाना हुए थे।
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