बिना नुकसान पहुंचाए छोड़ा गया जंगल में
आरपीएफ के जवानों और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में वॉशबेसिन के नीचे का पैनल सावधानी से हटाया गया, जिसके नीचे से एक बड़ा कोबरा बाहर निकला, जिससे वहां खलबली मच गई। उसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। सीट पर पैर लटका कर बैठे यात्रियों ने अपने पैर ऊपर कर लिए कि कहीं कोई और सर्प न कोच में घुसा हो।
सांप को सुरक्षित रूप से कोच से बाहर निकाला गया। डंडों और लकड़ी के खंभों की मदद से उसे पटरियों से दूर ले जाया गया और बाद में उसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया गया। कर्मचारियों की पैनी नजर और तेजी से की गई कार्रवाई की बदौलत जहरीले नाग का सफर ट्रेन के सफर से पहले ही खत्म हो गया। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर अमित मालवीय का कहना है कि ग्वालियर स्टेशन के यार्ड में जब ट्रेन खड़ी थी तो सुबह ही रेलवे स्टाफ को सांप दिखा उसके बाद उसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया।