दूसरे राज्यों में फंसे प्रयागराज जिले के हजारों मजदूरों को लाया जा रहा है। गुजरात से मजदूरों को लेकर चली ट्रेन बुधवार को प्रयागराज पहुंचने वाली भी है। इन हजारों मजदूरों के लिए झूंसी समेत शहर और देहात के कुल 86 स्कूलों में आश्रय सेंटर बनाया जाना प्रस्तावित है। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से इन स्कूलों को आश्रय स्थल बनाए जाने की लिस्ट तैयार कर प्रस्तावित की गई है। फूलपुर तहसील में दस आश्रय सेंटर में तकरीबन दो से ढाई हजार मजदूरों को रोके जाने की तैयारी है। दो दिन पहले इस बात की जानकारी प्रशासनिक अफसरों से स्कूल संचालकों को हुई तो हड़कंप मच गया। इनमें से कई स्कूल तो ऐसे हैं जो बेहद घनी आबादी में हैं। आवासीय कालोनियों में स्थित स्कूलों को आश्रय सेंटर बनाए जाने से लोग भयभीत हैं। स्कूल संचालक और इलाके के लोग कोरोना संक्रमण को देखते हुए आउटर के स्कूलों में मजदूरों को क्वारंटीन करने की मांग कर रहेहैं।
गंगापार के फूलपुर तहसील अंतर्गत झूंसी में एक ऐसा स्कूल है जो आवासीय कालोनी की घनी बस्ती में है। आवास विकास कालोनी योजना तीन स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल को भी आश्रय सेंटर बनाया जाना प्रस्तावित हुआ है। यहां प्रशासन ने तकरीबन 500 मजदूरों को क्वारंटीन किए जाने का टारगेट रखा है। इसी प्रकार देवनारायण पब्लिक स्कूल हवेलिया में 400, छतनाग गांव के एमपी बिरला स्कूल में 150, सालिगराम जायसवाल इंटर कॉलेज में 100, आरएसवाई इंटर कॉलेज हवेलिया में 120 तथा बाबू जवाहर सिंह इंटर कॉलेज सोनौटी में 100 मजदूरों को क्वारंटीन किए जाने की तैयारी प्रशासन ने की है। प्रयागराज में नैनी, करछना, घूरपुर, हंडिया, सोरांव, शंकरगढ़, सरायममरेज, नवाबगंज, मेजा, कोरांव, तथा सदर तहसील के कुल 86 स्कूलों को आश्रय सेंटर की लिस्ट में शामिल किया गया है। इस बात की जानकारी दो दिन पहले सेंट्रल एकेडमी के निदेशक एसके तिवारी समेत कालोनी के लोगों को हुई तो हड़कंप मच गया। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लोगों ने आउटर के स्कूलों में क्वारंटीन सेंटर बनाए जाने की मांग की है। इस बाबत एसडीएम फूलपुर विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि जो भी मजदूर बाहर से आ रहे हैं। उनक स्वास्थ्य परीक्षण सबसे पहले से रेलवे स्टेशन पर ही कराया जाएगा। उसके बाद आश्रय स्थल में बने स्कूलों में उन्हें भेजा जाएगा। यहां फिर से जांच होगी। रिपोर्ट के अधार पर उन्हें वहां से घर भेजकर क्वारंटीन रहने की हिदायत दी जाएगी। कोरोना पाजीटिव वाले मजदूरों को लेवन वन अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
नर्सों को विकल्प सेवा में मिली आवासीय सुविधा
बहादुरपुर विकास खंड के कोटवा-बनी गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल में लगी नर्सों के लिए विकल्प सेवा समिति ने आवासीय सुविधा प्रदान की है। विकल्प सेवा समिति ने बनी गांव स्थित अपने परिसर में नर्सों को आवासीय सेवा उपलब्ध कराई है। तकरीबन एक माह से समिति के परिसर में नर्सें रह रही हैं। समिति के अध्यक्ष तथा पूर्व सीएमओ डॉ. पीके सिन्हा ने बताया कि नर्सों की सेवा के लिए विनीत राय, गणेश यादव, सुशीला तथा महेंद्र सोनकर दिन-रात लगे हुए हैं।