मानसून की बेरुखी ने किसानों की नींद उड़ा दी है। जिन खेतों में रोपाई हो भी चुकी है, वहां पानी के अभाव में धान पीले पड़ने लगे हैं।
किसानों ने नहर और निजी संसाधनों से किसी तरह नर्सरी तो तैयार कर ली, लेकिन अब रोपाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसान राम भरोसे, शंकर लाल, मनोज कुमार और गरीब दास ने बताया कि नर्सरी तैयार है, पर खेत सूखे पड़े हैं। बादल आते हैं और बिना बरसे चले जाते हैं।
जिन किसानों ने जैसे-तैसे रोपाई कर दी, उनकी मुश्किल और बढ़ गई है। पानी न मिलने से रोपे हुए धान के पौधे पीले पड़कर सूखने लगे हैं।
किसान शंकर लाल ने बताया कि खेत में हरियाली की जगह पीलापन दिख रहा है। अगर कुछ और दिन पानी नहीं बरसा तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी। सावन में भी भीषण गर्मी और उमस ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
बीते एक हफ्ते से बारिश नहीं हुई है, जिससे तापमान फिर बढ़ने लगा है। तेज धूप खेतों की नमी तेजी से सोख रही है। खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान इस समय बढ़वार के अहम दौर में है, लेकिन पर्याप्त पानी न मिलने से पैदावार पर संकट गहरा गया है। सबसे ज्यादा चिंता उन किसानों को है जिन्होंने कर्ज लेकर बीज-खाद खरीदी है। अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो उन्हें दोबारा रोपाई करनी पड़ेगी, यानी लागत दोगुनी।
सूखी नहरों ने किसानों की बढ़ाईं मुश्किलें
नवाबगंज।
नवाबगंज और कौड़िहार इलाके में रहने वाले तराई क्षेत्र के किसान चौतरफा मार झेल रहे हैं। क्षेत्र की कई नहरों में पानी नहीं आया है, जिससे सिंचाई की निर्भरता अब नलकूपों पर आ टिक गई है, लेकिन बिजली कटौती किसानों के मंसूबों पर पानी फेर रही है। किसान संत बहादुर सिंह ने बताया कि नहरें कई साल से सूखी हैं। ट्यूबवेल के भरोसे खेत भरते हैं, लेकिन पानी दूसरे छोर तक पहुंचने से पहले ही बिजली चली जाती है। ओम प्रकाश मौर्य और शिव प्रसाद पटेल ने बताया कि धूप इतनी तेज है कि 25 फीसदी धान की बेहन खेत में ही जलकर बर्बाद हो गई है। संवाद
पिछले दिनों हुई बारिश से थोड़ी बहुत राहत है। कोरांव में प्रर्याप्त बारिश हुई। जहां भी कम बारिश की संभावना है, वहां किसानों को श्रीअन्न फसलें बुवाई करनी चाहिए। - डॉ.पवन विश्वकर्मा, उपनिदेशक कृषि, प्रयागराज
निजी नलकूपों से किसान महंगे दाम में खरीद रहे पानी
जगतपुर।
क्षेत्र के इनायत पट्टी, पुरुषोत्तमपुर, डायमगंज और सराय बंसी आदि माइनरमें पानी न छोड़ने से किसान मजबूरी में निजी नलकूपों से महंगे दामों में पानी खरीद रहे हैं। मामले में विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि फूलपुर में नहर की सफाई की जा रही है। जगह-जगह किसानों ने नहरों में पानी पंप से निकाल रहे है। दो-तीन दिन में नहरों में पानी आ जाएगा। संवाद