हंडिया विकासखंड क्षेत्र के सेवा गांव से होते हुए भदोही जिले को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क पर महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी तय करना इन दिनों किसी जोखिम से कम नहीं है। सड़क के दोनों ओर वर्षों पहले पक्का निर्माण कराया जा चुका है लेकिन बीच का करीब डेढ़ सौ मीटर हिस्सा आज तक अधूरा पड़ा है। बरसात में यह हिस्सा पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों, किसानों, छात्रों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को समस्या से नाराज सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला। इस दाैरान ओमप्रकाश दुबे, विनय कुमार तिवारी, डॉ़ आशीष शुक्ला, अंकित शुक्ला, अनूप शुक्ला आदि मौजूद रहे।
बरसात में दलदल बन जाता है रास्ता
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश होते ही अधूरा हिस्सा पूरी तरह कीचड़ में बदल जाता है। दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं, पैदल चलना मुश्किल हो जाता है और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
दोनों ओर सड़क, बीच में डेढ़ सौ मीटर क्यों अधूरा?
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क के दोनों ओर पक्का निर्माण कराया जा चुका है तो बीच के मात्र डेढ़ सौ मीटर हिस्से को आखिर किस कारण छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि इसी अधूरे हिस्से के कारण पूरी सड़क की उपयोगिता प्रभावित हो रही है और लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
ग्रामीणों की मांग
- अधूरी डेढ़ सौ मीटर सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए।
- निर्माण पूरा होने तक आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
- जिम्मेदार विभाग निर्माण की समय-सीमा घोषित करे।