आईईआरटी में शनिवार को हुए पुराछात्र सम्मेलन में जुटे पुराछात्रों ने अपने दौर के स्वर्णिम दिनों को याद किया। आईईआरटी एल्मुनी सोसाइटी की ओर से आयोजित समारोह में पुराछात्रों ने संस्थान की वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने एकजुट होकर संस्थान को वर्तमान दशा से बाहर निकालने का संकल्प किया। वार्षिक समारोह में निदेशक ने पुराछात्रों का सम्मान किया गया। 1993 बैच के पास आउट एलुमनी को सिल्वर जुबली वर्ष में स्मृतिचिह्न एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
एलुमनी मीट में जुटे पुराछात्र एवं वर्तमान इलाहाबाद दूरदर्शन के स्टेशन हेड और डिप्टी डायरेक्टर एसपी जायसवाल ने संस्थान मिली सीख को जीवन की अमूल्य धरोहर बताया। कहा कि यहां के शिक्षकों ने हमें अनुशासन का जो पाठ पढ़ाया वह आज भी काम आ रहा है। उन्होंने संस्थान को वर्तमान स्थिति से उबारने के लिए सभी पुराछात्रों का आह्वान किया। संस्थान के पुराछात्र एवं वरिष्ठ शिक्षक डॉ. एके रथ ने संस्थान की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए इससे बाहर निकालने के लिए सभी से आगे आने को कहा। संस्थान के वरिष्ठ शिक्षक एवं पुराछात्र अरिंदम कोच आईईआरटी की स्थिति को दयनीय बताया। इस मौके पर संस्थान के शिक्षकों एवं पुराछात्रों की ओर से पूर्व निदेशक डॉ. आरएन कपूर की प्रतिमा लगाए जाने की मांग का वरिष्ठ शिक्षक गिरीश चंद्र सिंह ने समर्थन किया।
आईईआरटी के सभागार में आयोजित वार्षिक मिलन समारोह का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. विमल मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष ओम प्रकाश, मैकेनिकल के 1965 पुराछात्र एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार टंडन, 1975 के इलेक्ट्रानिक्स के पुराछात्र वहाबुद्दीन सिद्दीकी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर सोसाइटी ने संस्थान के वरिष्ठ शिक्षकों को आजीवन सदस्यता प्रदान कर सम्मानित किया। एलुमनी सोसाइटी के अध्यक्ष प्रताप नारायण सिंह ने देश-विदेश से आए सभी पुराछात्रों एवं आगंतुकों का स्वागत किया। महासचिव राजीव कुमार मिश्र ने सोसाइटी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालने के साथ कार्यक्रम का संचालन किया। सोसाइटी के कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश द्विवेदी आय-व्यय प्रस्तुत किया, संयुक्त सचिव विकास केसरवानी ने पुराछात्रों का पंजीकरण कराने में सहयोग किया।