औद्योगिक पिछड़ेपन के लिए पहचाने जाने वाले प्रयागराज जिले में निवेश प्रस्तावों को उत्पादन में बदलने की रफ्तार धीमी बनी हुई है। 434 एमओयू के माध्यम से 67,358 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव तो है, लेकिन यह प्रस्ताव कब मशीनों के रूप में धरातल पर उतरेंगे, यह एक बड़ा सवाल है।
हालांकि, 121 इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू होना औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने का एक सकारात्मक संकेत है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कुल प्रस्तावित निवेश के मुकाबले वास्तविक रूप से जमीन पर उतरे निवेश का हिस्सा अभी भी कम है।
कागजों में 157 परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के लिए तैयार होने का दावा किया जा रहा है, जिनमें करीब 10,854 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इनके धरातल पर उतरने से लगभग 28,367 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
वहीं, 121 इकाइयों में 5,694 करोड़ रुपये का निवेश होने और व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने का दावा किया जा रहा है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 18,766 लोगों को रोजगार मिला है।