प्रयागराज। विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक-आध्यात्मिक समागम का साक्षी सात समंदर पार जा बसे प्रवासी भारतीय बनने जा रहे हैं। यूनेस्को की ओर से कुंभ को विश्व की अमूर्त धरोहर घोषित किए जाने के बाद पहले दुनिया के 71 देशों के राजनयिक तैयारियां देखने आए थे। अब 24 जनवरी को प्रवासी भारतीयों का दल संगमनगरी आ रहा है। उनके साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भी होने की संभावना है। भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की ललक के साथ आ रहे प्रवासी भारतीयों को कुंभ के वैभव के साथ बांधने की पूरी तैयारी है। उनकी हर रुचि, जरूरत, सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने शुक्रवार को स्वयं तैयारियों का जायजा लिया।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन 21 से 23 जनवरी के बीच वाराणसी में आयोजित होगा। इसके अगले दिन यानी, 24 जनवरी को उनका दल कुंभ क्षेत्र में होगा। सम्मेलन में शामिल होने वाले 3200 मेहमानों ने कुंभ दर्शन और भ्रमण की इच्छा जताई है। उनके साथ 80 अफसरों की टीम भी होगी। यहां वे सुबह 10 से शाम पांच बजे तक रहेंगे।
प्रवासी भारतीयों को 90 वॉल्वो बस से वाराणसी से यहां लाया जाएगा। तीन अलग-अलग ग्रुप में उन्हें मिर्जापुर होते लाया जाएगा। पहला बैच सुबह सात, दूसरा आठ और तीसरा जत्था नौ बजे चलेगा। यहां पहुंचने का क्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा और सभी लोग अरैल स्थित टेंट सिटी में आएंगे। वहीं उनके रहने की व्यवस्था की गई है। वहां ब्रेक फास्ट के बाद प्रवासी भारतीयों को बस से ही अरैल घाट लाया जाएगा। फिर क्रूज तथा विशेष रूप से सजे मोटरवोट से संगम नोज आएंगे। वहां संगम स्नान कराने की तैयारी है। वहां भ्रमण के बाद अक्षय वट और सरस्वती कूप का दर्शन करेंगे।
इसके बाद बड़े हनुमान मंदिर जाएंगे। इसके बाद उन्हें अखाड़ा तथा अन्य स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद वे संगम नोज वापस आएंगे। फिर बोट से अरैल घाट पहुंचेंगे। वहां उन्हें कला ग्राम, संस्कृति ग्राम, वेंडिंग जोन आदि क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा। भारत सरकार की ओर से कोऑर्डिनेटर बनाए गए राकेश शुक्ला ने बताया कि प्रवासी भारतीय उसी दिन तीन विशेष ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रवासी भारतीयों को 26 जनवरी को दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना है।
प्रयागराज। विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने बताया कि 24 जनवरी को प्रयागराज आने वाले प्रवासी भारतीयों के दल में मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवींद्र जगरनाथ शामिल होंगे। इनके अलावा न्यूजीलैंड के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट कवलजीत बख्शी, नार्वे संसद के सदस्य हिमांशु गुलाटी समेत कई अन्य प्रमुख लोग आएंगे।
प्रवासी भारतीयों को शुद्ध शाकाहारी भोजन दिया जाएगा। अंडा तो दूर उनके खाना में लहसुन, प्याज भी नहीं पड़ेगा। हालांकि, इसका ध्यान रखा जाएगा कि खाना तथा नाश्ता उनके देश या रुचि का ही हो। इसे ध्यान में रखकर टेंट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों की ओर से खाने की सूची तैयार की गई है। इसके अलावा ताज ग्रुप से भी संपर्क किया गया है।
मेहमानों को पूरी तरह से भारतीयता और यहां के धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल में रंगने की तैयारी है। इस मकसद से विविध आयोजन तो होंगे ही, खाना और नाश्ता के मेन्यू का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यहां आने वाले भारतीय प्रवासियों की मुख्य पसंद की जानकारी मांगी गई है। पूरी तैयारी है कि खाना उनकी पसंद का हो लेकिन भारतीय तड़का के साथ। इसी अनुसार खाने की सूची तैयार की गई है। हालांकि सूची को स्वीकृति मिलने तक संबंधित अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अफसर इतना जरूर बताते हैं कि उसमें जलेबी, पूड़ी, कढ़ी समेत देसी स्वाद भी शामिल किया गया है।
24 जनवरी को आ रहे हर प्रवासी भारतीय के साथ गाइड की व्यवस्था की गई है। कोशिश है कि गाइड भी उन्हीं के देश का हो। इसके लिए हरीश्चंद्र शोध संस्थान, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान आदि की मदद ली गई है। इन संस्थानों के विदेशी छात्र-छात्राओं को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। इनके अलावा वाराणसी, दिल्ली आदि स्थानों से भी गाइड बुलाए गए हैं।
अरैल स्थित टेंट सिटी में 108 हवन कुंड बनाए गए हैं। 24 जनवरी को उनमें लगातार यज्ञ होगा। प्रवासी भारतीय भी उसमें आहुति देंगे। इसके अलावा इच्छा जताने पर अनुष्ठान की भी व्यवस्था की जाएगी। टेंट सिटी परिसर स्थित विशाल पंडाल में विविध सांस्कृतिक आयोजन होंगे। कार्यक्रम लगातार चलता रहेगा। इसके लिए विदेश से भी ग्रुप बुलाए गए हैं। प्रवासी भारतीयों की जरूरत को देखते हुए अन्य सभी तरह की व्यवस्था भी गई है।
टेंट सिटी में 3200 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। इसके विपरीत 3200 प्रवासी भारतीयों ने यहां आने की स्वीकृति दी है। इनके साथ 80 अफसरों का दल तथा कई अन्य लोग भी होंगे। ऐसे में टेंट सिटी में जगह कम पड़ सकती है। ऐसी परिस्थिति में अरैल घाट के पास बने अस्थाई सर्किट हाउस, त्रिवेणी शंकुल आदि स्थानों पर उन्हें ठहराने की तैयारी है।
प्रवासी भारतीयों का कुंभ नगरी में पारंपरिक तरीके स्वागत की तैयारी है। विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने शुक्रवार को यहां आकर खुद तैयारियों का मुआयना किया। उन्होंने भ्रमण मार्ग, टेंट सिटी आदि स्थलों का निरीक्षण किया। साथ ही अफसरों संग बैठक में तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
विदेश राज्यमंत्री अरैल गए और टेंट सिटी, गंगा पंडाल आदि स्थलों का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने प्रवासी भारतीयों के भ्रमण वाले स्थलों का निरीक्षण किया। वहीं अरैल में ही बने अस्थायी सर्किट हाउस में उन्होंने अफसरों संग बैठक की। उनका सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर रहा। एसपी संगम पूर्णेंद्र सिंह को सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने अफसरों से प्लान भी मांगा।
जनरल वीके सिंह ने निर्देश दिया कि इस दौरान आम श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसका भी ध्यान रखकर प्लान तैयार किया जाए। जनरल वीके सिंह ने बताया कि वाराणसी में करीब पांच हजार प्रवासी भारतीय आ रहे हैं। यहां तीन हजार से अधिक प्रवासी आएंगे। उनके स्वागत की तैयारी को लेकर वह लगातार अफसरों के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि प्रवासी भारतीयों के साथ वह भी आएंगे। यहां समन्वय का काम राकेश शुक्ला देखेंगे। विदेश राज्यमंत्री ने अक्षयवट, सरस्वती कूप, बड़े हनुमानजी के दर्शन भी किये।
इसके बाद वह जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के शिविर में गए और कुंभ तथा अन्य आयोजनों पर चर्चा की। इसके बाद वह वाराणसी के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उनके साथ पत्नी राजकुमारी सिंह, भाजपा नेता राकेश शुक्ला आदि मौजूद रहे। उधर, प्रेसवार्ता में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा के विषेष इंतजाम किए गए हैं। हर बस पर पुलिस अधिकारी और स्कॉर्ट टीम की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा एनडीआरएफ, जल पुलिस, एटीएस, एसटीएफ की टीम साथ में चलेगी।