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वर्षों से जमे दो दर्जन अफसरों पर निर्वाचन आयोग की नजर

Mon, 27 Jun 2016 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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निर्वाचन आयोग - फोटो : PTI
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जिले में कई वर्षों से जमे दो दर्जन अफसरों पर निर्वाचन आयोग की नजर है। इन अफसरों पर तबादले की तलवार लटक रही है। किसी भी दिन इन्हें दूसरे जिलों में भेजा जा सकता है। ये सभी अफसर सरकार के करीबी मानते जाते हैं और अरसे से इलाहाबाद में अलग-अलग विभागों में तैनात हैं।
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इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) में ही दो अफसर हैं, जिन्हें इलाहाबाद में एडीए समेत अन्य विभागों में तैनाती के कई साल बीत चुके हैं। दोनों अफसर जिले में ही इधर से उधर घूम रहे हैं। इसी तरह बारा तहसील में तैनात एक अफसर कई वर्षों से अलग-अलग विभागों में घूम रहे हैं। नगर निगम के एक भी एक अफसर लंबे समय से इलाहाबाद में तैनात हैं। इससे पहले वह प्रशासन में महत्वपूर्ण पद बैठे थे। प्रशासन में ही एक और मंडल स्तर के अफसर हैं, जो वर्षों से नगर निगम और प्रशासन के बीच चक्कर काट रहे हैं और लंबे समय से जिले में ही जमे हुए हैं। इसी तरह हंडिया और कोरांव तहसील में तैनात अफसर भी इलाहाबाद में जमे हैं।   बदला है तो सिर्फ उनका पद। जिला प्रशासन में कलक्ट्रेट में बैठने वाले दो अफसरों की भी यही हालत है। इनके विभाग बदल जाते हैं, लेकिन जिला नहीं। तहसील सदर में भी एक अफसर अरसे से जमे हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग और राजस्व परिषद में भी ऐसे अफसरों की भरमार है। सत्ता मेें पहुंच होने के कारण इलाहाबाद में इनकी तैनाती अंगद के पांव की तरह हो गई है। निर्वाचन आयोग भी जानता है कि सत्ता के करीबी ये अफसर अगर विधानसभा चुनाव में भी तैनात रह गए तो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं, सो आयोग की इन पर नजर टेढ़ी है। ऐसे में किसी भी दिन इनके तबादले का फरमान जारी हो सकता है।
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