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Prayagraj : माघ मेले में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नान, एआई कैमरों से की गई निगरानी

Sun, 15 Feb 2026 04:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम की रेती पर आयोजित स्वच्छ और सुरक्षित माघ मेले ने इस वर्ष सनातन धर्म की आध्यात्मिक महिमा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन का नया कीर्तिमान स्थापित किया।
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महाशिवरात्रि पर संगम स्नान करने के लिए उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संगम की रेती पर आयोजित स्वच्छ और सुरक्षित माघ मेले ने इस वर्ष सनातन धर्म की आध्यात्मिक महिमा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन का नया कीर्तिमान स्थापित किया। आर्टिफिशियल इटेलिजेंस आधारित कैमरे, ड्रोन निगरानी और होल्डिंग एरिया जैसी व्यवस्थाओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। करीब 44 दिनों तक चले इस आयोजन में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भागीदारी की। वहीं, महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर 15 से 16 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है।

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माघ मेले में उमड़ी भीड़ ने आगामी महाकुंभ की तैयारियों की भी परीक्षा ली और कई प्रमुख स्नान पर्वों के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। वसंत पंचमी, अचला सप्तमी और माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की संख्या पूर्व आयोजनों से कहीं अधिक रही। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार तीन जनवरी से 14 फरवरी तक सभी प्रमुख स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित हुए और लगभग 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई।

माघ मेले में स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या (तुलनात्मक आंकड़े)

मुख्य स्नान (वर्ष 2024)             (2026)
पौष पूर्णिमा 9.80 लाख            31 लाख
मकर संक्रांति 20.90 लाख 1.03 करोड़
मौनी अमावस्या 2.18 करोड़ 4.52 करोड़
वसंत पंचमी 42 लाख 3.56 करोड़
अचला सप्तमी 8 लाख            2 करोड़
माघी पूर्णिमा 38.20 लाख 2.10 करोड़
महाशिवरात्रि 9.70 लाख 15–16 लाख (अनुमान)

महाशिवरात्रि पर विशेष तैयारी

महाशिवरात्रि स्नान पर्व को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। संगम नोज स्थित गंगा, यमुना के सभी घाटों पर 15 से 16 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है। स्नान वर्जित स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी तथा जल पुलिस और फ्लड टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी। असुरक्षित क्षेत्रों में स्नान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। संगम तट पर श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है और महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं के पुण्य स्नान के लिए पहुंचने की उम्मीद है।
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