इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों के अपने अधिकार सीमा से बाहर जाकर आदेश पारित करने पर नाराजगी जताई है। कहा है कि अधिकारियों को अपनी सीमाएं पता होनी चाहिए। उनको ऐसे आदेश पारित नहीं करने चाहिए जो उनकी अधिकारिता से बाहर हैं। कमिश्नर इलाहाबाद का आदेश रद्द करते हुए कोर्ट ने प्रमुख सचिव खाद्य और नागरिक आपूर्ति को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में सर्कुलर जारी करें।
कमिश्नर ने सरकारी गल्ले की दुकान का लाइसेंस रद्द करने के मामले में दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए कहा था कि नए आवंटी का लाइसेंस अपील पर होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा। मूल आवंटी प्रकाश चंद्र त्रिपाठी ने इसके खिलाफ याचिका दाखिल की। कोर्ट ने कहा कि कमिश्नर अपील पर सुनवाई के दौरान अधीनस्थ अधिकारी के आदेश पर रोक लगा सकते हैं मगर यह नहीं कह सकते हैं कि नए आवंटी को अपील के निस्तारण तक काम करने दिया जाए। याची के सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस रद्द कर दुकान कल्लू राम पटेल को आवंटित कर दी गई। इस आदेश के खिलाफ उसने कमिश्नर के समक्ष अपील दाखिल की थी। कमिश्नर ने कल्लू राम के दुकान संचालित करने पर रोक नहीं लगाई अपितु यह कहा दिया कि अपील का निस्तारण होने पर उसके आवंटन का मामला तय होगा। न्यायमूर्ति रणविजय सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए कमिश्नर के आदेश को अधिकारातीत करार देते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने अपील पर नए सिरे से आदेश पारित करने के लिए कहा है।