महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस संबंध में कई आदेश पारित किए हैं। उसके विपरीत यहां के बार के सदस्यों को छोड़कर दूसरी बार के अधिवक्ताओं को नियुक्ति किया जा रहा है। कोलेजियम का यह प्रस्ताव सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां बड़ी संख्या में ऐसे अधिवक्ता हैं जो बतौर न्यायमूर्ति बेहतर कार्य कर सकते हैं। उनकी हाईकोर्ट में लगातार मौजूदगी है और वे लगातार बेहतर काम कर रहे हैं। ऐसे में बाहरी अधिवक्ताओं को बतौर न्यायमूर्ति के लिए नाम प्रस्तावित किया जाना गलत है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद इसका पुरजोर विरोध करती है।
बैठक में भोजनावकाश के बाद और शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष राकेश पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी, पंडित दया शंकर मिश्र, प्रभाशंकर मिश्र, अशोक कुमार सिंह, सुरेश चन्द्र पांडेय, मनोज कुमार मिश्र, नीरज कुमार त्रिपाठी, सुरेन्द्र नाथ मिश्र, धर्मेन्द्र सिंह यादव, सत्यम पांडेय, श्यामा चरण त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, ऊष्मा मिश्रा, अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।