फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाए गए युवक की संदिग्ध हालात में मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप

Wed, 28 May 2025 06:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

नवाबगंज के बुदौना गांव में चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाए गए मजदूर हीरालाल (45) की सोमवार देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हीरालाल गांव के ही उदित नारायण तिवारी के घर में मजदूरी करता था।
विज्ञापन
हिरासत में मौत। - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नवाबगंज के बुदौना गांव में चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाए गए मजदूर हीरालाल (45) की सोमवार देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हीरालाल गांव के ही उदित नारायण तिवारी के घर में मजदूरी करता था। परिवार का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसकी जान गई, जबकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक से मौत की बात सामने आई है।

उदित नारायण तिवारी 24 मई को परिवार के साथ बागेश्वर धाम दर्शन गए थे। 25 मई की रात लौटने पर पता चला कि उनके घर से चार लाख नकद के अलावा कीमती गहने सहित लगभग 35 लाख की संपत्ति चोरी हो गई है। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि घर की देखरेख की जिम्मेदारी हीरालाल को सौंपी थी।

हीरालाल की बेटी महिमा (22) का कहना है कि 25 मई की रात को उदित तिवारी के घर से फोन कर पिता को बुलाया गया। इसके बाद पता चला कि वहां से पुलिस उन्हें साथ लेकर चली गई। रातभर पिता के बारे में कोई सूचना नहीं मिली।

आरोप है कि 26 मई को शाम करीब चार बजे पुलिस पिता को घर लाई और उनसे कहने लगी कि चोरी का सामान कहां छिपाया है। जब पिता ने चोरी से इन्कार किया तो घर में ही लाठी-डंडे से उनकी पिटाई की गई। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ लेकर चले गए।रात लगभग 11 बजे परिवार को सूचना मिली कि हीरालाल की मौत हो गई है। बेटी का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क कराया गया।

विज्ञापन

तीन भाइयों और बेटे को भी ले गए

कैली निवासी हीरालाल की बहन गुड़िया ने आरोप लगाया कि भाई को बेवजह पीटा गया। साेमवार शाम घर लाने पर दो-तीन वर्दीवालों व सादे कपड़ों में साथ आए अन्य लोगों ने उसे पीटा। रात में 11 बजे के करीब फिर घर आए लेकिन हीरालाल साथ नहीं था। इसके बाद तीन अन्य भाइयों हरिकेश, श्यामलाल व गुड्डू और हीरालाल के बेटे अमन को साथ ले गए। इसके बाद से वह भी घर नहीं लौटे।

चौकी लाया गया था, सीने में दर्द पर ले जाया गया अस्पताल : डीसीपी

डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया, बुदौना गांव में हुई चोरी के संदर्भ में 26 मई को थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वादी ने निगरानी के लिए रखे गए हीरालाल पर शक जताया था। इस पर थाना पुलिस सोमवार सुबह उसे मय परिवार पूछताछ के लिए डांडी चौकी लेकर आई थी। यहां सीने में दर्द की शिकायत पर परिवार के सहयोग से उसे सीएचसी ले जाया गया, जहां बीपी लो व बेहोश होने पर उसे एसआरएन रेफर किया गया। जहां उसकी प्रथमदृष्टया हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिवारवालों की सूचना पर मजिस्ट्रेट से पंचायतनामा भरवाकर डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत की बात सामने आई है। हीरालाल को फेफड़े की बीमारी भी थी।

विज्ञापन

दारागंज इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम के बाद शव गांव नहीं ले जाया गया। दारागंज में इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस का कहना है कि परिजनों की सहमति से ऐसा किया गया। उधर, गांववालों ने बताया कि हीरालाल का पत्नी से अलगाव हो चुका है और चार साल से अलग रह रही है। वह दो बेटों अमन, अभिषेक व बेटी महिमा के साथ गांव में रहता था।

मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए : सपा विधायक

मामले में प्रतापगढ़ के रानीगंज सीट से सपा विधायक डॉ. आरके वर्मा ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस हिरासत में मौत बेहद गंभीर प्रकरण है और इसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें