ऐसे में धीरे-धीरे चार साल बीत गए और आज भी डॉ. अमित कुमार लाल गोपालगंज पीएचसी के चिकित्साधिकारी पद का वेतन गौतमबुद्ध नगर में बैठकर ले रहे हैं। हर महीने उनका हाजिरी की सीट प्रयागराज के कौड़िहार की पीएचसी में भेजी जाती है। जिसके बाद प्रमुख अधीक्षक की तरफ से उनका वेतन तैयार होता है।
वहीं, पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन अनूप शुक्ला चिकित्सक की भूमिका पीएचसी में निभा रहे हैं। करीब 50 हजार की आबादी के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाली यह पीएचसी हमेशा वीरान रहती है।
किसी समय में यहां पर डाॅक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय और नर्स की तैनाती थी। मगर अब पीएचसी की जर्जर इमारत और चिकित्सक के अभाव में पीएचसी की दुर्दशा मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इस मामले में खुद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके तिवारी चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
कई बार पत्र लिखकर लाल गोपालगंज पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार को वापस लाने का प्रयास किया, मगर अब तक उन्हें गौतमबुद्ध नगर में ही संबद्ध किया गया है। उनका वेतन पीएचसी से ही बनता है। जिसकी वजह से मरीजों के उपचार में परेशानी आ रही है। - डॉ. एके तिवारी, सीएमओ