संशोधन के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगी सुविधा
ओटीआर में अभ्यर्थी ने त्रुटिवश कोई गलत जानकारी भर दी है तो उसे संशोधित करने की सुविधा हमेशा उपलब्ध रहेगी। अक्सर होता है कि अभ्यर्थी ‘मेल’ और ‘फीमेल’ के कॉलम को टिक करने या जाति के कॉलम को भरने में गलती कर देते हैं और इसी गलती के कारण अभ्यर्थी चयन से भी वंचित रह जाते हैं। अभ्यर्थी ओटीआर में किसी भी वक्त संशोधन कर सकेंगे।
मुख्य परीक्षा से पहले अपलोड करने होंगे अभिलेख
किसी भी भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित किए जाने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा से पहले अपने सभी आवश्यक शैक्षिक अभिलेख भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों को भी ओटीआर के पोर्टल पर अपने डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। ऐसे में ओटीआर कराने वाले अभ्यर्थियों को भविष्य में बार-बार शैक्षिक अभिलेख अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अधिकतम आयु सीमा पूरी होते ही ओटीआर से बाहर
ओटीआर के पोर्टल पर अनावश्यक भार न बढ़े, इसकी व्यवस्था भी की गई है। आयोग की भर्तियों में शामिल होने के लिए अलग-अलग वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा निर्धारित है। जो अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा पूरी कर लेंगे, वह ओटीआर से स्वत: बाहर हो जाएंगे।
साइबर सिक्योरिटी भी बनेगी चुनौती
आयोग के सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए ओटीआर अनिवार्य किए जाने के बाद आयोग के पास 10 से 12 लाख युवाओं का पूरा विवरण होगा। डाटा लीक होने का खतरा भी बना होगा। ऐसे में साइबर सिक्योरिटी भी आयोग के लिए चुनौती होगी। इस दिशा में आयोग ने काम शुरू कर दिया है और इसके लिए एनआईसी से सहयोग लिया जा रहा है।