हाईकोर्ट ने भारत सरकार और जीएसटी काउंसिल को निर्देश दिया है कि जीएसटी का ट्रैन-1 फार्म जमा कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल 31 मार्च 2019 से पहले खोल दिया जाए। यदि किसी कारण से ऑनलाइन फार्म जमा कराना संभव नहीं है तो इसे हाथोंहाथ (मैन्युअली) जमा कराया जाए। कोर्ट ने 27 दिसंबर 2017 की अंतिम तिथि तक जीएसटी ट्रैन 1 फार्म जमा करने से वंचित रह गए व्यापारियोें के फार्म स्वीकार करने का निर्देश दिया है। भारत सरकार, जीएसटी काउंसिल और टैक्स कमिश्नर से इस मामले में एक माह में जवाब भी मांगा है।
सहारनपुर के मेसर्स सुभाष ट्रेडर्स की याचिका पर न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ सुनवाई कर रही है। याची का कहना था कि तकनीकी कमी के कारण वह समय से फार्म जमा नहीं कर सके और अब पोर्टल बंद है जिसकी वजह से फार्म जमा नहीं हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार ने जीएसटी के नियम 117 में संशोधन करके ट्रैन 1 फार्म स्वीकार करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 कर दी है। याचिका में मांग की गई है कि जीएसटी काउंसिल को निर्देश दिया जाए कि वह टैक्स कमिश्नर को पोर्टल खोलने और फार्म स्वीकार करने की अनुमति दे। याचिका पर भारत सरकार की ओर से अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ला ने पक्ष रखा।