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स्पेशल कोर्ट

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मंत्री रीता जोशी सहित दस
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के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
0 स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर आदेश
प्रयागराज। विधानसभा घेराव के दौरान हुए बवाल के मुकदमे में सुनवाई के समय गैर हाजिर रहने पर एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने प्रदेश की मंत्री रीता बहुगुणा जोशी सहित दस लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। प्रकरण की सुनवाई आठ अप्रैल को होगी। इसी मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और निर्मल खत्री सहित आठ लोग सरेंडर कर अंतरिम जमानत प्राप्त कर चुके हैं, जबकि डॉ. रीता और अन्य लोगों ने अब तक सरेंडर नहीं किया है। एनबीडब्ल्यू जारी करने का आदेश स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने दिया है।
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घटना सात अगस्त 2015 की लखनऊ के हजरतगंज थाने की है। वादी एसआई प्यारे लाल प्रजापति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कांग्रेस के नेता गन्ना भुगतान, अपराध, भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि के विरोध में धरना स्थल पर भाषण दे रहे थे। नेतागण और लगभग पांच हजार कार्यकर्ता अचानक विधानसभा घेरने चल दिए । पुलिस ने रोका तो उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया। कानून व्यवस्था छिन्नभिन्न हो गई। घटना में एडीएम सहित कई पुलिस अधिकारियों को चोटें आईं थीं। प्रकरण की पत्रावली सुनवाई के लिए लखनऊ से अंतरित होकर स्पेशल कोर्ट आई है। सुनवाई के समय उपस्थित न होने पर कोर्ट ने सभी 18 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसमें राज बब्बर ने 16 मार्च को और निर्मल खत्री, मधुसूदन मित्री, ओंकार नाथ सिंह, प्रदीप माथुर, बोध लाल शुक्ला, केके शर्मा और प्रदीप जैन ने 19 मार्च को सरेंडर कर जमानत अर्जी दी थी। सब को अंतरिम जमानत मिली है। नियमित जमानत पर सुनवाई पांच अप्रैल को होगी। कोर्ट ने शेष अन्य अभियुक्तगण रीता जोशी सहित दस लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
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