इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने खनन माफियाओं द्वारा बेतवा नदी पर बनाए गए 15 अवैध पुलों को ढहाने का आदेश दिया है। डीएम जालौन से कहा है कि तीन दिन के भीतर इन पुलों को हटाकर नदी का रास्ता खोल दिया जाए। खनन माफियाओं ने बोरी और पाइप डालकर पुल बनाए हैं। नदी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने डीएम को आदेश दिया है कि पुलों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराकर अदालत में आठ जुलाई को प्रमाण सहित प्रस्तुत करें।
जालौन के सुशील कुमार यादव ने जनहित याचिका दाखिल कर नदी पर पुल बनाए जाने की शिकायत की। सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ को बताया कि बेतवा नदी पर बन रहे पुल का निर्माण पूरा नहीं होने से आवागमन प्रभावित है इसलिए ठेकेदारों ने बालू डालकर अस्थायी पुल बना लिए हैं, इससे नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है। टीकर गांव में तीन अवैध पुल बनाए गए हैं, जिससे नदी का प्रभाव रुक गया है। डीएम से शिकायत की गई मगर उन्होंने पुलों को ध्वस्त कराने से मनाकर दिया।
खंडपीठ ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह स्थायी पुल के निर्माण की प्रगति की स्वयं जांच करें। नदी की धारा रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने का भी मुख्य सचिव को निर्देश दिया है। आरोप है कि अनुसचिव ने पत्र लिखकर अवैध पुलों को तोड़ने से रोका था। पीठ ने मुख्य सचिव को इस पत्र की सत्यता की जांच का भी आदेश दिया है। मुख्य सचिव को आठ जुलाई को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर प्रगति से अवगत कराने का निर्देश दिया है।