allahabad high court news : कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को डेढ़ माह में केस कमिट कर सत्र अदालत में भेजने का निर्देश दिया है और सत्र अदालत को दो माह में याची की आरोप मुक्त करने की अर्जी आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति बृजराज सिंह ने सुखवीर सिंह की याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भोजीपुरा, बरेली के सुखवीर सिंह को एसीजेएम बरेली द्वारा आरोपमुक्त करने से इंकार एवं हाजिर न होने पर जारी गैर जमानती वारंट आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि आरोप संज्ञेय है। जिनका विचारण करने का सत्र अदालत को अधिकार है। मजिस्ट्रेट ने अपने अधिकार का अतिरेक कर विधि के खिलाफ आदेश दिया है।
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कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को डेढ़ माह में केस कमिट कर सत्र अदालत में भेजने का निर्देश दिया है और सत्र अदालत को दो माह में याची की आरोप मुक्त करने की अर्जी आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति बृजराज सिंह ने सुखवीर सिंह की याचिका पर दिया है।
मालूम हो कि राम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज की छात्रा की हास्टल में मौत हो गई।रूम मेट के बयान से याची व अन्य छात्रों पर रैंकिंग करने के मौत का आरोप लगाया गया। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की किंतु सीबीसीआईडी ने क्लोजर रिपोर्ट पेश की।
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शिकायतकर्ता की आपत्ति पर मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट खारिज कर संज्ञान लेते हुए सम्मन जारी किया था।याची को अग्रिम जमानत मिल चुकी थी।उसने आरोप मुक्त करने की अर्जी दी। हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट को अर्जी तय करने का निर्देश दिया जिसपर मजिस्ट्रेट ने अर्जी खारिज कर गैर जमानती वारंट जारी किया था।