इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षिका का वेतन रोकने संबंधी 25 मई 2022 के आदेश को निरस्त कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकलपीठ ने प्रयागराज निवासी शशि कला सिंह की याचिका पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षिका का वेतन रोकने संबंधी 25 मई 2022 के आदेश को निरस्त कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकलपीठ ने प्रयागराज निवासी शशि कला सिंह की याचिका पर दिया।
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याचिका में 25 मई 2022 के आदेश को रद्द करने। वेतन का बकाया भुगतान, नियमित वेतन और अन्य परिणामी लाभ दिलाने की मांग की गई थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि इसी आदेश से प्रभावित सुधा सिंह की रिट याचिका को हाईकोर्ट ने चार अगस्त 2022 को स्वीकार कर लिया था। उस निर्णय के विरुद्ध राज्य सरकार की ओर से दाखिल विशेष अपील भी खारिज हो चुकी है। जिससे एकलपीठ के फैसले की पुष्टि हो गई है। इसलिए वर्तमान याचिका भी उसी आधार पर स्वीकार की जानी चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से पेश स्थायी अधिवक्ता भी इस तथ्य का खंडन नहीं कर सके। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक का 25 मई 2022 का आदेश निरस्त करते हुए कहा कि याची को भी सुधा सिंह मामले में दिए गए निर्णय के अनुरूप सभी परिणामी लाभ प्रदान किए जाएं।