इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता व चाचा द्वारा निरुद्ध की गई युवती को मुक्त कराकर चार नवंबर को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसएसपी प्रयागराज को निरुद्ध याची संध्या देवी की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात करने का निर्देश दिया है तथा पिता व चाचा को याची को किसी दूसरे व्यक्ति से शादी करने के लिए दबाव न डालने का निर्देश दिया है। फतेहपुर के धाता गाजीपुर निवासी पिता वंद्रप्रकाश और चाचा सत्य प्रकाश को भी अदालत ने नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने संध्या देवी व अन्य की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि उसने नितीश केशरवानी से17 जनवरी 20 को आर्य समाज मंदिर, प्रयागराज में शादी की है। हाईकोर्ट ने याचियों को पुलिस संरक्षण देने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद 25 फरवरी 20 को याची के पिता अपनी बेटी को लिवा गए और घर से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। पिता उसकी दूसरी शादी करना चाहते हैं। जबरन ले जाने की पति नितीश केशरवानी ने एसएसपी से शिकायत की किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसपर यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई चार नवंबर को होगी।