इस पर थाने से दूसरी सूची भेजी गई, जिसमें याची के खिलाफ 30 मामले बताए गए। इस पर जिला न्यायाधीश ने विवेचक या थाना प्रभारी को तलब करते हुए स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कहा। इस दौरान नैनी पुलिस को स्पष्टीकरण देने केलिए लंबा समय दिया गया। नौ तिथियां बी गईं।
अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि मामले नैनी पुलिस को सूचित किया गया है। लेकिन, उनकी ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है और न ही कोई उपस्थित हुआ है। शासकीय अधिवक्ता ने इसे न्यायहित में सही नहीं बताया। जिला न्यायाधीश ने स्थितियों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले के विवेचक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।