प्रयागराज। हड़ताल की अगुवाई कर रहे 10 लेखपालों की बर्खास्तगी का आदेश सोमवार को जारी कर दिया गया। जिला प्रशासन ने उन्हें बर्खास्त करने का निर्णय रविवार को ही ले लिय था। बर्खास्त होने वालों में लेखपाल संघ जिला इकाई के पदाधिकारी शामिल हैं।
इसके विपरीत बर्खास्तगी तथा निलंबन की कार्रवाई के बाद भी लेखपाल पीछे हटने को राजी नहीं हैं और 14वें दिन भी उनकी हड़ताल जारी रही। कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल लेखपालों ने एकजुटता भी दिखाई। लगातार 14 दिनों से हड़ताल की वजह से आय एवं जाति प्रमाण बनाने का काम ठप हो गया है। इसके अलावा वसूली, जमीन की नाप जोख, अलग-अलग वर्ग के लोगों के लिए शुरू विभिन्न योजनाओं की प्रगति भी प्रभावित हो गई है। कलक्ट्रेट में धरना के दौरान आयोजित सभा में लेखपालों ने दावा किया कि प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों, विधायकों ने भी उनका समर्थन किया है। उनका कहना था कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, अनिल राजभार आदि ने लेखपालों की मांग पर विचार के लिए पत्र लिखा है। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.हरिप्रकाश यादव ने पत्र लिखकर लेखपालों के आंदोलन का समर्थन किया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष राजकुमार सागर ने कहा कि आठ सूत्रीय मांग पूरी होने तथा बर्खास्तगी एवं निलंबन की कार्रवाई वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में उन्होंने 27 दिसंबर को विधानसभा के सामने धरना-प्रदर्शन की घोषणा। हड़ताल एवं धरना देने वालों में किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव हरिशंकर यादव, अटेवा के डॉ.हरिप्रकाश, विवेकानंद त्रिपाठी, अवनीश पांडेय, राकेश यादव, विकास सिंह आदि शामिल रहे।