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छात्र परिषद के विरोध में घेरा कुलपति दफ्तर

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद का मॉडल लागू किए जाने को लेकर एकेडमिक कौंसिल में बनी सहमति का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को छात्रों ने विरोध में कुलपति कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान हंगामा भी हुआ। चीफ प्रॉक्टर का रास्ता रोक लिया गया, जिस पर चीफ प्रॉक्टर और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई।
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छात्र परिषद के विरोध में तमाम मंगलवार सुबह से ही छात्रसंघ भवन पर इकट्ठा होने लगे। छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ को अराजक बताकर उसे अचानक खत्म कर देना छात्रसंघ से निकली महान विभूतियों के वजूद को खत्म करने के बराबर है। नाराज छात्रों ने छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय का घेराव शुरू कर दिया।
हालांकि कुलपति दिल्ली गए हुए हैं। छात्र वहां से डीएसब्डल्यू कार्यालय की ओर से बढ़े तभी सामने से डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार और चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे आ रहे थे। छात्रों ने उनका रास्ता रोक लिया और इसके बाद चीफ प्रॉक्टर एवं छात्रों के बीच तीखी झड़प हो गई।
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काफी देर चले हंगामे के बाद छात्रों ने डीएसडब्ल्यू और चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन देकर छात्र परिषद को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, छात्र नेता सौरभ सिंह बंटी ने कहा कि छात्रसंघ इविवि प्रशासन के भ्रष्टाचार को उजागर करता है, इसलिए अब छात्रसंघ को खत्म करने की साजिश हो रही है।
छात्र परिषद के विरोध में मंगलवार को इविवि परिसर में हुए छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद इविवि प्रशासन की ओर से डीएम और एसएसी को पत्र भेजकर बवाल की आशंका जताई गई है। साथ ही पुलिस को नौ छात्रों के नाम भी सौंपे गए हैं, जो प्रदर्शन के दौरान काफी सक्रिय दिखे और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम से उनकी तीखी झड़प भी हुई।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर से डीएम एवं एसएसपी को पत्र भेजकर कहा गया है कि छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान चीफ प्रॉक्टर, उनकी टीम एवं डीएसडब्ल्यू को गालियां दीं। छात्रों ने यहां तक कहा कि विश्वविद्यालय को आग के हवाले कर देंगे। उग्र छात्रों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम को घेर लिया और हिंसा पर उतारू हो गए। तकरीबन डेढ़ सौ छात्रों की भीड़ में कई बाहरी अराजकतत्व भी शामिल थे। पत्र में कहा गया है कि भीड़ में शामिल कुछ छात्रों ने कहा कि छात्र परिषद का गठन किया गया तो विश्वविद्यालय के अफसरों की तोड़ दिया जाए और परिसर में तांडव मचा दिया जाएगा।
छात्रों के इस रुख को देखते हुए आशंका जताई गई है कि एक सप्ताह के भीतर परिसर के अंदर और बाहर हिंसा हो सकती है। इन दिनों इविवि में प्रवेश की प्रक्रिया भी चल रही है। ऐसे में इविवि के कार्यालयों एवं प्रवेश भवन में पुलिस फोर्स तैनात करने की मांग की गई है। अराजकता के लिए जिम्मेदारी जिन नौ छात्रों के नाम पुलिस को सौंपे गए हैं, उनमें सौरभ सिंह, विवेक कुमार तिवारी, शिवम सिंह, अखिलेश सिंह यादव, आखिलेश यादव, शकील, नवीन मिश्र, अतेंद्र सिंह, सत्यम पांडेय के नाम भी शामिल हैं।
प्रवेश भवन के बाहर अपने नाम की बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगाने वाले चार छात्रों को इविवि प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने बताया कि ये चारों छात्र मंगलवार को इविवि परिसर में हुए हंगामे में भी शामिल थे। चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि अभी न तो विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव घोषित हुआ है और न ही किसी तरह के प्रचार की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद छात्र सौरभ सिंह, दुर्गेश सिंह, जितेंद्र धनराज और आयुष कुमार मौर्य ने प्रवेश भवन के बाहर छात्रों को प्रभावित करने के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगवा दिए हैं। चारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि होर्डिंग, बैनर तत्काल उतार लें और तीन जुलाई को शाम चार से छह बजे के बीच चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें।
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