सिर्फ पांच अफसरों के पास मोबाइल
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस मामले में कहीं भी कोई चूक ना हो इसके लिए बेहद सतर्कता बरती जा रही है। जिसके तहत इस ऑपरेशन में शामिल सिर्फ पांच अफसरों के पास मोबाइल फोन है हैं। जबकि, अन्य सभी के मोबाइल पहले ही जमा करा लिए गए हैं। सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी ऑपरेशन के संबंध में किसी से बात नहीं करेगा। दरोगा और इंस्पेक्टरों को भी निर्देशित किया गया है कि वह किसी भी तरीके से मीडिया से भी बात नहीं करेंगे।
पर्दे से ढंकी गई वज्र वाहन की जाली, चारों तरफ लगाए गए पर्देयह भी बताया जा रहा है कि जिस वज्र वाहन से अतीक अहमद को प्रयागराज लाया जा रहा है, उसकी जालियां पर्दे से ढक दी गई हैं। चारों तरफ पर्दे लगा दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि बाहर के किसी भी व्यक्ति को यह ना पता चल सके कि अतीक अहमद किस तरफ बैठा है। इसके अलावा भीतर का भी कोई व्यक्ति बाहर से संपर्क ना कर सके।
स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट की ओर से जारी किया गया था आदेश
उमेश पाल अपहरण केस में फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर अतीक अहमद को पेशी पर हाजिर करने के लिए स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट दिनेश चंद शुक्ला की ओर से आदेश जारी किया गया था। जेल अधीक्षक साबरमती जेल अहमदाबाद गुजरात के नाम से जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि 28 मार्च को सुबह 11:00 बजे अतीक अहमद को न्यायालय में हाजिर किया जाए। इस आदेश की प्रति प्रमुख सचिव गृह, एडीजी कानून व्यवस्था के साथ ही अन्य अफसरों को भी भेजी गई है। यह आदेश 20 मार्च को जारी किया गया है।