ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा की दृष्टि से गर्मी की छुट्टियों में सैर-सपाटे के लिए जाने वालों ने अपनी प्री-बुकिंग निरस्त करवानी शुरू कर दी है। कुछ लोग अब मई की जगह जून में घूमने की बात कर रहे हैं। बीते दो दिन में ही प्रयागराज में 48 से ज्यादा लोगों ने हिमाचल, लद्दाख के साथ विदेशी टूर पैकेज भी निरस्त कर दिए हैं। इससे ट्रैवेल्स एजेंटों को भी झटका लगा है।
सुलेमसराय निवासी अखिलेश राठौर बताते हैं, परिजनों साथ शिमला और मनाली जाना था। ट्रैवेल्स एजेंट के माध्यम से चार लोगों के लिए बुकिंग कराई थी, लेकिन अभी युद्ध का माहौल है, इस वजह से यात्रा स्थगित कर दी। इसी तरह मुट्ठीगंज के राजेश केसरवानी ने गर्मी की छुट्टियों में कुल्लू और मनाली जाने का कार्यक्रम था। उन्हें 16 मई को रवाना होना था, लेकिन भारत-पाक में छिड़ी जंग की वजह से राजेश ने कहा, वह अब अगले माह जाएंगे।
पिछले माह 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद कश्मीर की काफी संख्या में लोगों ने बुकिंग निरस्त करवाई। इसके बाद उत्तराखंड, हिमाचल एवं लद्दाख की ओर जाने वाले यात्रियों का ग्राफ बढ़ने लगा, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध का माहौल हो जाने से लोगों ने कार्यक्रम निरस्त करने शुरू कर दिए हैं। ट्रैवेल्स सेफ के संदीप मिश्रा बताते हैं, पहले कश्मीर के कई पैकेज निरस्त हुए। अब हिमाचल, लद्दाख और उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के हिल स्टेशनों की बुकिंग लोग निरस्त कर रहे हैं। इससे हम ट्रैवेल्स एजेंटों को नुकसान तो हुआ है लेकिन देश हित में सोचा जाए तो पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है।
उम्मीद है कुछ दिन में माहौल सही हो जाएगा और लोग एक बार फिर से सैर-सपाटे के लिए निकलेंगे। संदीप के मुताबिक थाईलैंड, मालदीव, मलयेशिया की भी लोगों ने बुकिंग निरस्त की है। इसी तरह ईएमआई हॉलीडे के विशाल कनौजिया ने बताया, दो दिन से जो भी फोन आ रहे हैं, वह पैकेज निरस्तीकरण के ही हैं। कुछ लोगों ने अपनी यात्रा अगले माह तक स्थगित करने की भी बात कही है। अभी जंग छिड़ी हुई है। जल्द ही पाकिस्तान घुटने के बल आ जाएगा और देश के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल बढ़ जाएगी।