उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर और योग विषय में स्थायी शिक्षक होने के बावजूद सत्र 2022-23 के तहत इन दोनों विषयों में पीएचडी की सीटों पर प्रवेश नहीं लिए जाएंगे। वहीं, जंतु विज्ञान एवं गणित में नए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद भी अभ्यर्थियों को इन विषयों में पीएचडी के लिए नया सत्र बीतने का इंतजार करना होगा। मुक्त विश्वविद्यालय में 12 विषयों में पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है।
मुक्त विश्वविद्यालय में 12 वर्षों बाद 2021 से पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई। मुक्त विवि में वर्ष 2006 से पीएचडी की पढ़ाई शुरू हुई थी और 2009 में इसे बंद कर दिया गया। यूजीसी रेगुलेशन के तहत डिस्टेंस मोड में पीएचडी नहीं कराई जा सकती थी। अब विश्वविद्यालय में यूजीसी रेगुलेशन-2016 के तहत प्रवेश लिए जा रहे हैं। यूजीसी रेगुलेशन के तहत मुक्त विश्वविद्यालय में पीएचडी अब रेगुलर मोड में शुरू हुई है।
नई व्यवस्था के तहत पीएचडी की पढ़ाई अब उन्हीं विषयों में हो सकेगी, जिन विषयों के विश्वविद्यालय में स्थायी शिक्षक तैनात हैं। विश्वविद्यालय में संचालित एग्रीकल्चर और योग विषय में स्थायी शिक्षक तो हैं, लेकिन ये शिक्षक दो वर्षों के भीतर रिटायर होने वाले हैं, जबकि पीएचडी पाठ्यक्रम की न्यूनतम अवधि तीन वर्ष है। इसी वजह से इन दोनों विषयों में इस बीच पीएचडी के लिए प्रवेश नहीं लिए जा रहे।
वहीं, मुक्त विश्वविद्यालय को जंतु विज्ञान एवं गणित में नए शिक्षक मिल गए हैं। ऐसे में जंतु विज्ञान एवं गणित में पीएचडी की पढ़ाई का रास्ता खुल गया है। हालांकि सत्र 2022-23 की प्रवेश प्रक्रिया में इन दोनों विषयों में पीएचडी की सीटों को शामिल नहीं किया गया है। नया सत्र बीतने के बाद अगली प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को मुक्त विश्वविद्यालय से जंतु विज्ञान और गणित में भी पीएचडी करने का मौका मिलेगा।
तेरह विषयों में पीएचड की 45 सीटों पर होंगे प्रवेश
- मुक्त विवि में सत्र 2022-23 के तहत 12 विषयों में पीएचडी की 45 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। इनमें कंप्यूटर विज्ञान की तीन, न्यूट्रीशन, फूड एंड डाइटेटिक्स की तीन, पत्रकारिता एवं जनसंचार की तीन, मध्ययुगीन और आधुनिक इतहास की दो, राजनीति विज्ञान की चार, वाणिज्य की तीन, व्यवसाय प्रशासन और व्यवसाय प्रबंधन की दो, शिक्षाशास्त्र की आठ, संस्कृत और प्राकृत भाषा की तीन, सांख्यिकी की तीन, हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषाएं की आठ और भूगोल की तीन सीटें शामिल हैं। 45 में से नौ सीटें बैकलॉग की हैं, जिनमें सात सीटें एससी और एक-एक सीट ईडब्ल्यूएस एवं ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। वर्ष 2021-22 के प्रवेश में पीएचडी की ये सीटें खाली रह गईं थीं।
आवेदन की आज अंतिम तिथि
- मुक्त विवि में पीएचडी प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, आवेदन एवं फीस जमा करने की प्रक्रिया सात जून से शुरू हुई थी। इसकी अंतिम तिथि छह जुलाई निर्धारित है। इसके बाद विलंब शुल्क के साथ 15 जुलाई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, आवेदन एवं फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। 16 से 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन में संशोधन किए जा सकेंगे। 26 जुलाई से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रवेश पत्र उपलब्ध रहेंगे। पीएचडी प्रवेश परीक्षा 20 अगस्त को प्रस्तावित है और रिजल्ट अगस्त के अंत में जारी करने की तैयारी है।
समाज के लिए उपयोगी शोध पर होगा जोर: कुलपति
मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सीमा सिंह का कहना है कि उन्हीं विषयों में पीएचडी की सीटों पर प्रवेश लिए जा रहे हैं, जिनमें स्थायी शिक्षक नियुक्त हैं। नई व्यवस्था के तहत बाहर से गाइड नहीं लिए जा सकते। विश्वविद्यालय के शिक्षक ही गाइड होंगे। विश्वविद्यालय का पूरा जोर इसी पर है कि शोध ऐसा हो जो समाज और शिक्षा के लिए उपयोगी हो।