कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाओं का पूरा कैलेंडर ही बिगड़ गया। विश्वविद्यालय ने प्रोजेक्ट जमा करने की तिथि भी बढ़ा दी है। परीक्षाएं और परिणाम तो प्रभावित हुए ही हैं, विश्वविद्यालय के एक हजार अध्ययन केंद्रों मे कामकाज भी लगभग ठप हो गया है।
मुक्त विश्वविद्यालय में प्रोजेक्ट जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 15 अप्रैल कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर यह तिथि भी बढ़ाई जा सकती है।
वहीं, मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की परीक्षाएं पूरी होने के बाद आयोजित की जा जाती हैं। ऐसे में मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी अब मई के आखिरी सप्ताह में कराए जाने की उम्मीद है। अगर अन्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में परीक्षाएं फिर से टलीं तो मुक्त विश्वविद्यालय को भी जून में परीक्षा करानी पड़ सकती है।
परीक्षा देर से होगी तो रिजल्ट भी प्रभावित होगा। मुक्त विश्वविद्यालय के प्रदेश भर में एक हजार सक्रिय अध्ययन केंद्र हैं और इनसे तकरीबन 50 हजार शिक्षार्थी जुड़े हुए हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने बताया कि भी छात्रों को वेबसाइट के माध्यम से सूचित किया गया है कि वे टेलीफोन के माध्यम से क्षेत्रीय केंद्रों और अध्ययन केंद्रों के समन्वयकों से संपर्क बनाए रखें। प्रोजेक्ट, परीक्षा, परिणाम आदि के बारे में क्षेत्रीय केंद्रों एवं अध्ययन केंद्रों से नियमित रूप से जानकारी मिलती रहेगी।
बारह जिलों में है मुक्त विवि के क्षेत्रीय केंद्र
मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र प्रदेश के 12 जिलों में बनाए हैं। इनमें नोएडा, मेरठ, बरेली, आगरा, झांसी, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज शामिल हैं। आजमगढ़ क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना माह भर के भीतर ही की गई है।