पन्ना लाल रोड पर दो वरिष्ठ चिकित्सकों की ओपीडी बंद कराने की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए एएमए पदाधिकारियों ने बुधवार को सीएमओ से मुलाकात कर पत्र सौंपा। डॉक्टरों की बात पर सीएमओ ने दो टूक कहा कि फिलहाल क्लीनिक या नर्सिंगहोमों में ओपीडी की अनुमति नहीं दी जा सकती। शासन के निर्देश पर इस पर निर्णय लिया जाएगा। साफ है कि अनलॉक-वन के दौरान लोग बाहर तो निकलेंगे, लेकिन इलाज न करा पाने की वजह से भटकेंगे।
एएमए अध्यक्ष डॉ. राधारानी घोष, सचिव डॉ. राजेश मौर्य, डॉ. एके बजाज और डॉ. आरएन मिश्रा के प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ से सुबह उनके कार्यालय में मुलाकात की। उनसे डॉक्टरों की ओपीडी बंद कराने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने सीएमओ से कहा कि क्लीनिक और ओपीडी बंद होने से परेशान मरीज हंगामा करते हैं। समझाने का उन पर असर नहीं होता। उनका कहना है कि लॉकडाउन समाप्त हो गया है, हम दूर से आए हैं, आपको इलाज करना पड़ेगा। डॉक्टरों ने कहा कि करीब तीन महीने से गंभीर मरीज बिना परामर्श के परेशान घूम रहे हैं, अब उनका सब्र जवाब दे रहा है। सीएमओ ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि शासन के निर्देश पर ओपीडी पर रोक है। जिन अस्पतालों ने इंफेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल का प्रशिक्षण करा लिया है, ऐसे 40 अस्पतालों को इमरजेंसी सेवाओं के प्रतिबंधों के साथ इलाज करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि अभी सभी ओपीडी संचालन में दो से तीन हफ्ते का समय लग सकता है। शासन के निर्देश पर निर्णय लिया जाएगा।
निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में ओपीडी संचालन के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। सीएमओ से भी वार्ता कर उत्पीड़न की कार्रवाई रोकने की मांग की गई है। डॉक्टर नियमों का पालन कर रहे हैं, लेकिन मरीज मानते ही नहीं, उनकी संतुष्टि के लिए या गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए डॉक्टर नि:शुल्क परामर्श दे रहे हैं। - डॉ. सुशील सिन्हा, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन
ओपीडी सेवाएं पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं। एएमए के माध्यम से सभी को इसकी सूचना दी जा चुकी है। इसके बाद भी कोई नियमों के विपरीत कोई चिकित्सक ओपीडी का संचालन करते मिले तो उनके खिलाफ इपीडेमिक डिजीज एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति ओपीडी का संचालन कोविड नियमावली के भी विपरीत है। चिकित्सकों को धैर्य बनाए रखना होगा।- मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ