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निजी चिकित्सकों ने बंद रखी ओपीडी, मरीज परेशान

Sat, 09 May 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। डॉ. रोहित गुप्ता पर हुए जानलेवा हमले को लेकर शुक्रवार को प्रदेश भर के निजी अस्पतालों की चिकित्सकीय सेवाएं बाधित रहीं। निजी चिकित्सकों ने प्रैक्टिस नहीं की। इसके कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निजी अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं के बाधित होने से मरीज भटकते रहे। सैकड़ों मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में पहुंचकर उपचार कराया। निजी चिकित्सकों ने सुबह बैठक की और इसके बाद छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा।
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उत्तर प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को हुई प्रदेश भर के चिकित्सक सांकेतिक हड़ताल पर रहे। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने भी सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक 12 घंटे तक अपनी सेवाएं बाधित रखी। ओपीडी सेवा ठप होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि निजी अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाओं को बहाल रखा गया था। इससे भर्ती और गंभीर मरीजों को राहत रही लेकिन कुछ अस्पतालों ने गंभीर मरीजों को भर्ती करने से इंकार कर दिया।

 बालसन चौराहे के पास दुर्घटना की शिकार हुई सुषमा (20) पुत्री राम कैलाश को निजी अस्पताल ने वापस कर दिया तो परिजन उसे एसआरएन में भर्ती कराए। हड़ताल की वजह से एसआरएन में शुक्रवार को भर्ती होने वालों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुनी रही। हालांकि ओपीडी में बहुत ज्यादा असर नहीं रहा। सूचना पहले से ही प्रकाशित हो जाने से ज्यादातर मरीज अस्पतालों में गए ही नहीं। हड़ताल के चलते सिविल लाइंस, जार्ज टाउन, टैगोर टाउन, कटरा, कचहरी, अलोपीबाग, तेलियरगंज, रामबाग सहित कई मोहल्लों में स्थित अस्पतालों के गेट बंद नजर आए। मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने सुबह स्टेनली रोड स्थित कार्यालय पर सभा की।
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इसके बाद डीएम को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डॉ. रोहित गुप्ता के ऊपर हमला करने वालों के खिलाफ मुकम्मल कार्रवाई किए जाने, मेडिकल कॉलेज की प्रो. मनीषा द्विवेदी, प्रो. दिलीप चौरसिया को बहाल किए जाने सहित छह मामले उठाए। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे 20 दिन में पूरी नहीं हुई तो फिर आंदोलन होगा। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी ने कहा कि प्रशासन ने उनकी दो मांगे मान ली है लेकिन और मांगो पर विचार करने को कहा है। इस दौरान डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. बीके मिश्र, डॉ. वीके मिश्र, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. आलोक मिश्र आदि मौजूद रहे। आंदोलन का समर्थन इंडियन डेंटल एसोसिएशन के सदस्यों ने भी किया। उन्होंने भी डीएम को आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
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