जो अल्लाह से डरेगा, वही सच्चा ईमान वाला होगा। हमारे अंदर अल्लाह के खौफ की कमी है, इसीलिए हम बुराई की तरफ भाग रहे हैं। यह बातें मौलाना सैयद रागिब बुखारी अजहरी ने कही। वे मेंडारा स्थित खानकाह शाहिया जलालिया में आयोजित बज्म-ए-सूफिया में अकीदतमंदों को संबोधित कर रहे थे।
मौलाना ने चिंता जताते हुए कहा कि आज हम दुनिया वालों से तो डरते हैं, लेकिन अपने पैदा करने वाले परवरदिगार से नहीं डरते। अल्लाह ने इन्सान को अशरफुल मखलूकात (सृष्टि में सबसे श्रेष्ठ) बनाया है। दुनिया की तमाम नेमतें सिर्फ हमारे लिए अता की हैं, बावजूद इसके हम अल्लाह की इबादत से दूर हैं।
इससे पहले कार्यक्रम का आगाज तिलावत कुरान-ए-पाक से हुआ। इसके बाद कारी जसीम उद्दीन, कारी शमसुद्दीन, कारी कलाम उद्दीन हनफी, हाफिज अमीन, अयान रजा इलाहाबादी, हाफिज आतिफ ने नात व मनकबत का नजराना पेश किया। अध्यक्षता साहिबे सज्जादा सैयद जुनैद मियां बुखारी एवं संचालन मौलाना राफे ने किया।
महफिले सिमा (कव्वाली) के बाद पीर-ए-तरीकत हजरत अल्लामा सैयद मंसूर मियां बुखारी ने देश में अमन-चौन, तरक्की एवं आपसी भाईचारे के लिए दुआएं कीं। यहां डॉ. वकार फारूकी, मो. महफूज, महताब अहमद, अनवर हुसैन, मो. दानिश, नियाज अहमद, मंसूर अहमद, मकसूद फारूकी, सम्मे आलम फारूकी, हाफिज इरशाद अहमद आदि रहे।