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आपातकालीन स्थिति के लिए भी डीआरएम ऑफिस में रहेगा एक और कंट्रोल रूम

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डीआरएम आफिस के मनोरंजन गृह के पास बनाया जा रहा नया कंट्रोल रूम
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पिछले दिनों कंट्रोल रूम में काम करने वाले कर्मी पाए गए थे कोरोना पॉजिटिव
प्रयागराज। डीआरएम ऑफिस में अब एक नहीं बल्कि दो कंट्रोल रूम होंगे। दूसरे कंट्रोल रूम का इस्तेमाल रेलवे द्वारा आपातकालीन स्थिति में किया जाएगा। दूसरे कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य डीआरएम ऑफिस में शुरू हो गया है। यह कंट्रोल रूम डीआरएम ऑफिस के प्रांगण में स्थित मनोरंजन गृह हॉल के पास बनाया जा रहा है। स्टैंडबाई मॉड के आधार पर इसका प्रयोग रेलवे द्वारा किया जाएगा।
दरअसल मंडल रेल नियंत्रण कक्ष में 28 जून 2020 को एक कर्मचारी कोरोना पीड़ित पाया गया। देखते-देखते एक हफ्ते के अंदर 20 कर्मचारी पॉजिटिव निकल आए और 40 कर्मचारी ऐसे थे जो इन संक्रमित कर्मचारियों के सीधे संपर्क में आए थे। इन सभी को रेलवे द्वारा क्वारंटीन कर दिया गया। इन कठिन परिस्थितियों में रेलवे के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गईं। चूंकि कंट्रोल आफिस चौबीसों घंटे चलता है। इस वजह से आनन-फानन में विभागवार कंट्रोल रूम शिफ्ट किया गया। आसपास के स्टेशनों के अलावा टूंडला कंट्रोल रूम से भी पांच रेलकर्मी यहां बुलाया गए।
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बता दें कि रेल परिचालन का नर्व सेंटर होता है मंडल कंट्रोल आफिस। ये वही स्थल है जहां से पूरे मंडल में आने-जाने वाली यात्री एवं मालगाड़ियों की मानीटरिंग एवं नियंत्रण किया जाता है। प्रयागराज जैसे बड़े और अति व्यस्त मंडल में इस कंट्रोल रूम की भूमिका अति महत्वपूर्ण और संवेदनशील रहती है। पिछले दिनों एक साथ कई कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद डीआरएम अमिताभ ने तय किया कि प्रयागराज मंडल में एक और कंट्रोल रूम स्टैंडबाई मॉड के आधार पर बनाया जाए, ताकि उसका उपयोग आपातकालीन स्थिति में भी किया जा सके। प्रयागराज मंडल के पीआरओ केशव त्रिपाठी ने बताया कि स्टैंडबाई मॉड के रूप में एक और कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह कार्य जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।
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तीन सेट में रहेगा कंट्रोल स्टाफ
पिछले दिनों रेल कर्मियों के कोरोना पीड़ित मिलने के बाद रेलवे ने अब एक नई व्यवस्था की है। डीआरएम प्रयागराज ने कंट्रोल स्टाफ को तीन सेट में विभाजित किया है। हर एक सेट में 8 से 10 कर्मचारी रखे गए हैं। इसमें दो सेट कर्मचारी एक-एक हफ्ता ड्यूटी करेंगे और उसके बाद बारी-बारी से अगले 7 दिनों का विश्राम दिया जाएगा। कर्मचारियों का तीसरा सेट इमर्जेंसी के लिए तैयार रखा गया। इससे इन्फेक्शन फैलने का खतरा बहुत कम हो गया।
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