Allahabad High Court News : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कोर्ट में बीमारी की अर्जी देकर दूसरे अदालत में पेश होने वाले एक अधिवक्ता पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम वकील को एक माह के भीतर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में भुगतान करना होगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कोर्ट में बीमारी की अर्जी देकर दूसरे अदालत में पेश होने वाले एक अधिवक्ता पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम वकील को एक माह के भीतर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में भुगतान करना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी की एकल पीठ ने वाराणसी के अरुण यादव की अग्रिम जमानत याचिका पर दिया है।
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सुनवाई के दौरान पता चला कि संबंधित वकील ने इस कोर्ट में बीमारी की पर्ची भेजी थी, जबकि उसी समय वे दूसरी कोर्ट में एक विशेष अपील में बहस कर रहे थे। इसके अलावा वकील ने यह तथ्य भी छिपाया कि आवेदकों को पहले ही एक अन्य संबंधित मामले में अंतरिम सुरक्षा मिल चुकी थी। अदालत ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिवक्ता कोर्ट के अधिकारी होते हैं। उनका प्राथमिक कर्तव्य सही तथ्यों के साथ अदालत की सहायता करना है। कोर्ट ने माना कि इस प्रकार का आचरण न्याय के प्रशासन में हस्तक्षेप है, जिससे अदालत का कीमती समय बर्बाद होता है।