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प्रयागराज : हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर एक करोड़ 37 लाख ठगे, सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज

Sat, 19 Feb 2022 09:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एजी आफिस से सेवानिवृत्त राम जतन मंडेला राजापुर के रहने वाले हैं। रामजतन और उनके साथी धर्मराज अपने अपने बेटों को सरकारी नौकरी दिलाने लिए काफी परेशान थे। 2017 में एजी आफिस के पास उनकी मुलाकात राघवेंद्र सिंह से हुई। उनके साथ कई लोग थे।
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ठगी (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों के एक गिरोह ने एक करोड़ 37 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने तमाम पदों के लिए पांच अलग अलग लोगों से कई बार में एक करोड़ रुपये लिए। कई साल बीत जाने के बाद भी न नौकरी मिली न ही ठगों ने रुपये लौटाए। कैंट थाने में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

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एजी आफिस से सेवानिवृत्त राम जतन मंडेला राजापुर के रहने वाले हैं। रामजतन और उनके साथी धर्मराज अपने अपने बेटों को सरकारी नौकरी दिलाने लिए काफी परेशान थे। 2017 में एजी आफिस के पास उनकी मुलाकात राघवेंद्र सिंह से हुई। उनके साथ कई लोग थे।



उन लोगों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। उन लोगों ने एक जज की फोटो लगी एक गोपनीय आदेश भी दिखाया।

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तमाम पदों के लिए ठगों ने बताए अलग-अलग रेट
रामजतन और धर्मराज को लगा कि अब उनका काम हो जाएगा। ठगों ने दोनों की मुलाकात शमीम सिद्दीकी नाम के शख्स से कराई। शमीम के बारे में बताया कि वह डिप्टी रजिस्ट्रार है। भर्ती प्रक्रिया शमीम ही देखते हैं। ठगों ने तमाम पदों के लिए अलग अलग रेट बताए। रामजतन और धर्मराज ने अपना फंड निकाल लिया। खेत बेच दिया।



कई दोस्तों से रुपये उधार लिए। इसी दौरान धर्मराज से तीन और लोगों ने नौकरी दिलाने को कहा। उन लोगों को ठगों से मिलवाया गया। 2017 में ही धर्मराज के बेटे कृष्ण प्रताप को सहायक निबंधक बनाने के लिए 40 लाख, राम जतन के बेटे योगेंद्र प्रताप को महानिबंधक बनाने के लिए 40 लाख, गोंडा के विकास सिंह को प्रशासनिक अधिकारी बनाने के लिए 20 लाख, सुनील सिंह को सहायक समीक्षा अधिकारी बनाने के लिए साढ़े आठ लाख और संजय सिंह को अनुभाग अधिकारी बनाने के लिए 29 लाख रुपए लिए गए। ठगों ने इसके बाद बहाना बनाना शुरू कर दिया।




कहा एक जज नाराज हो गए हैं। इसलिए भर्तियां रुकी हैं। समय बीतता गया। बाद में कहा कि सोरांव में जमीन दे देंगे लेकिन न जमीन दी न रुपये वापस किए। काफी प्रयास के बाद 11 फरवरी को शमीम सिद्दीकी, राघवेंद्र सिंह, अलीम, सैफ, गौस, कैफ, शाहिद अली और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। 

आलीशान बंगलों व गाड़ियों के मालिक हैं आरोपी, पहले भी दर्ज है मुकदमे 
राम जतन मंडेला समेत पांच अलग अलग लोगों के एक करोड़ 37 लाख ठगने वाले आरोपियों ने ठगी कर कई बंगले खड़े कर लिए हैं। उनके पास कई लक्जरी गाड़ियां भी हैं। राम जतन ने एफआईआर में लिखवाया है कि गिरोह के लोग वर्षों से जालसाजी में लिप्त हैं।



सोरांव में कई एकड़ जमीन भी आरोपियों के पास है। उनके पास शहर में भी कई मंहगे प्लाट और ट्रक आदि गाड़ियां भी है। उनके खिलाफ पहले भी शिवकुटी थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज है। दिल्ली, बिहार और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। 



सदमे से धर्मराज सिंह हो चुकी है मौत 
राम जनत मंडेला के दोस्त धर्मराज के 40 लाख जालसाजों ने ठगे थे। उनको इतना सदमा लगा कि 2020 में उनकी मौत हो गई। 
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नौकरी दिलाने के नाम पर ढाई लाख हड़पे, रिपोर्ट 
लखनऊ के दुबग्गा ठाकुरगंज के रहने वाले गौरव कुमार गौतम और उसके फुफेरे भाई ऋषि रावत से कटरा के रहने वाले दीपक गुप्ता ने ढाई लाख रुपये ले लिए। दीपक और उसके  रिश्तेदार अमन ने उन्हें कहा था कि वे ढाई लाख में हाईकोर्ट में संविदा पर नौकरी लगवा देंगे। बाद में जब नौकरी नहीं लगवा पाए तो उनसे पैसा मांगा गया। दीपक ने धमकाया। रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
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