आरोप यह भी है कि इस गिरोह का सरगना शैलेंद्र वर्मा खुद को विवेक मिश्रा, राज्य विधि अधिकारी बताकर धन उगाही कर रहा है। गिरोह के अन्य सदस्य संजय (स्टेट बिल्डिंग का मुंशी), पीसी शुक्ला व अन्य अजात हैं।
सिविल लाइंस में एजीए व राज्य विधि अधिकारियों के नाम पर धन उगाही का मामला सामने आया है। खुद एक राज्य विधि अधिकारी व अन्य वकीलों की ओर से इस मामले में एक आरोपी को पकड़ा गया। शिकायत मिलने पर उसके साथ ही कुल तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि सात साल से कम सजा वाली धाराएं होने के चलते उसे नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया गया।
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विवेक मिश्रा हरवारा धूमनगंज के रहने वाले हैं और उच्च न्यायालय में राज्य विधि अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बुधवार को लगभग 12 बजे अधिवक्ता दिलीप गोस्वामी ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने कोई पत्र नोटिस रवि सिंह पुत्र संतोष सिंह निवासी ग्राम जैव रावर्ट्सगंज सोनभद्र को भेजकर उसे अर्जेंट रूप से बुलाया है।
आरोप लगाया कि जब इस बारे में छानबीन की गई तो पता चला कि एक गिरोह अज्ञात नंबर को ट्रू कॉलर पर उनके नाम से सेव करके प्राइवेट वादकारियों को कोर्ट परिसर में बुलाकर धोखाधड़ी कर रहा है। आरोप यह भी है कि इस गिरोह का सरगना शैलेंद्र वर्मा खुद को विवेक मिश्रा, राज्य विधि अधिकारी बताकर धन उगाही कर रहा है। गिरोह के अन्य सदस्य संजय (स्टेट बिल्डिंग का मुंशी), पीसी शुक्ला व अन्य अजात हैं।
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आरोप यह भी है कि बुधवार को शैलेंद्र ने एक प्राइवेट वादकारी को बुलाकर 500 रुपये लेकर फोटो खिंचवाई, जहां से उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया तो सारी बात प्रकाश में आई। प्रभारी सिविल लाइंस रामाश्रय यादव ने बताया कि आरोपी को अधिवक्ता ही थाने ले आए। इसके बाद वादी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में नोटिस तामील कराकर उसे छोड़ दिया गया।