धूमनगंज थाने में अतीक समेत 15 पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
अगवा कर जेल में पीटने, लूट का लगाया गया है आरोप
प्रयागराज। धूमनगंज से प्रॉपर्टी डीलर जैद खालिद को अगवा कर देवरिया जेल में ले जाकर पीटने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। हमदान नाम का यह आरोपी 10 महीनों से फरार चल रहा था। मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद भी नामजद हैं।
बम्हरौली निवासी जैद खालिद ने 8 जनवरी को अतीक समेत 15 लोगों के खिलाफ अपहरण, लूट, मारपीट व अन्य धाराअेां में मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि 22 नवंबर 2018 को सुबह 7.00 बजे इमरान (अतीक अहमद का साढू), सद्दाम, अली अहमद , मोहम्मद अहमद, हमदान व फैसल, तालिब, उसैद, खालिद जफर (अतीक अहमद के बहन का दामाद), अरशद, मो0 राशिद उर्फ नीलू, विजय राय, शाबिर उसे कार में अगवा कर देवरिया जेल ले गए। इससे पहले सोने का ब्रेसलेट व 80 हजार नगद भी छीन लिए। जेल मेें अतीक व उसके साथियों ने उसे बुरी तरह पीटा। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक आरोपी तालिब को गिरफ्तार कर लिया। जबकि अरशद ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। एक आरोपी फरहान पहले से जेल में था। पुलिस का कहना है कि सोमवार को मामले में वांछित चल रहे हमदान को चार बम के साथ गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बदल चुके हैं पांच विवेचक,नहीं पूरी हुई जांच
अतीक व अन्य के खिलाफ धूमनगंज थाने में प्रॉपटी डीलर जैद की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में पांच विवेचक बदल चुके हैं। लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। सबसे पहले इस मामले की विवेचना तत्कालीन बम्हरौली चौकी प्रभारी अतुल सिंह को मिली। गैंगरेप मामले में लापरवाही के आरोप में उनके निलंबित होने के बाद पूर्व इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा विवेचक बने। चुनाव से ठीक पहले संदीप के लाइन हाजिर होने के बाद विवेचना प्रभारी जेपी शर्मा को मिली। उनके जाने के बाद इंस्पेक्टर विजय सिंह को विवेचना सौंपी गई लेकिन वह भी जांच पूरी नहीं कर सके। उनके जाने के बाद केस प्रभारी संजय सिंह के पास आया लेकिन वह कानून व्यवस्था संभालने में ही व्यस्त रहे। पांच विवेचकों के बदले जाने के बाद भी विवेचना अधूरी रहने से पुलिस की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।