इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज और लखनऊ स्थित शासकीय अधिवक्ता/महाधिवक्ता कार्यालयों में स्टाफ की कमी के बावजूद रिक्त पदों को न भरे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इससे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज और लखनऊ स्थित शासकीय अधिवक्ता/महाधिवक्ता कार्यालयों में स्टाफ की कमी के बावजूद रिक्त पदों को न भरे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इससे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने सूबेदार यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
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कोर्ट ने इससे पहले 26 फरवरी को भी सरकार से स्टाफ की कमी को लेकर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन सचिव स्तर से कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। बड़ी संख्या में पद खाली हैं, फिर भी उन्हें भरने की कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस संबंध में विधि सचिव के माध्यम से विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाए। साथ ही अपर महाधिवक्ता को अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।