नए वर्ष में जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के प्रमोशन की जारी सूची को लेकर बना गतिरोध दूर नहीं हो रहा है। प्राथमिक विद्यालयों में पिछले दो वर्ष से शिक्षकों को प्रमोशन का इंतजार है। नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही शिक्षकों में प्रमोशन एवं नई तैनाती को लेकर उम्मीद रहती है। सरकार की ओर से नए शिक्षकों 72825 की तैनाती का आदेश जारी किए जाने केबाद एक बार फिर से प्रमोशन सूची जारी होने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रारंभिक पदोन्नति सूची जारी करके इस संबंध में शिक्षकों से आपत्ति मांगी थी। शिक्षकों की आपत्ति मिलने के बाद बीएसए की ओर से अनंतिम पदोन्नति सूची जारी करने के लिए पहले दिसंबर और अब जनवरी में इसे जारी करने की बात की जा रही थी। इस बीच शासन की ओर से 2011 से लंबित 72825 शिक्षकों की तीन काउंसलिंग में चयनित शिक्षकों की तैनाती करने के बारे में छह जनवरी को शासन में बैठक बुलाने के बाद एक बार फिर से प्रमोशन सूची जारी होने और इसके बाद समायोजन को लेकर असमंजस की स्थिति है। बीएसए राजकुमार का कहना है कि शासन यदि 72825 शिक्षकों की भर्ती में से चयनित शिक्षकों को नियुक्ति का आदेश देता है तो प्रमोशन सूची बाद में जारी की जाएगी।
बीएसए ने बताया कि प्रमोशन सूची में 31 दिसंबर 2006 तक नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसमें लगभग 275 शिक्षक ही शामिल होंगे। बीएसए एक ओर कह रहे हैं कि प्रमोशन सूची में 31 दिसंबर 2006 तक के ही शिक्षकों को शामिल करेंगे जबकि उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि 2009 तक से कम प्रमोशन स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि बीएसए यदि मनमानी करेंगे तो शिक्षक इस प्रमोशन सूची का बहिष्कार करेंगे।